देवबंद (सहारनपुर)। मिरगपुर में धर्मस्थल के समीप मांस फेंकने और परोली के जंगल में फायरिंग किए जाने की मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। इसके लिए रविवार की देर शाम अयोध्या से इंटेलीजेंस के एसपी और सहारनपुर के सीओ मिरगपुर गांव पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर जाकर जांच की।
गौरतलब है कि ईद उल अजहा की रात्रि में बाइक सवार युवक मिरगपुर गांव स्थित श्री गुरु बाबा फकीरादास की तपोस्थली के समीप मांस फेंककर फरार हो गए थे। घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष फैल गया था। वहीं अगले दिन परोली गांव के जंगल में फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया। जिसमें मिरगपुर गांव के कई अज्ञात युवकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। दोनों घटनाओं से आक्रोशित मिरगपुर के ग्रामीणों ने पंचायत बुलाई थी। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विरेंद्र सिंह गुर्जर मंदिर प्रांगण में ही भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। अगले दिन एसडीएम दीपक कुमार व सीओ रामकरन सिंह ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर विरेंद्र सिंह गुर्जर की भूख हड़ताल समाप्त कराई थी। इस दौरान विरेंद्र सिंह गुर्जर ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। विरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि रविवार की देर शाम अयोध्या से इंटेलीजेंस के एसपी संदीप त्यागी और सीओ सहारनपुर गुरदीप कुकरेती ने मिरगपुर गांव पहुंचकर दोनों स्थानों की जांच पड़ताल की। सीओ रामकरन सिंह ने बताया कि मांस फेंकने के मामले में आरोपी को पूर्व में ही जेल भेज दिया गया था।