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हाईकोर्ट के आदेश ने बढ़ाई उम्मीदवारों की बेचैनी

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हाईकोर्ट के आदेश ने बढ़ाई प्रत्याशियों की बेचैनी
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मुजफ्फरनगर, चरथावल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण की प्रक्रिया के बीच हाईकोर्ट के आदेश ने चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। आरक्षण को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट के 15 मार्च को होने वाली सुनवाई और उसके फैसले पर भावी उम्मीदवारों की निगाहें टिक गई हैं। हालांकि आरक्षण में बदलाव चाहने वाले खुश हैं।
लखनऊ हाईकोर्ट खंडपीठ के आरक्षण प्रक्रिया पर रोक से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बन गई है। हर कोई नए-नए तर्क लेकर चर्चाओं में लीन है। जिला पंचायत के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार राकेश वशिष्ठ और पावटी के प्रवीण त्यागी का कहना है कि जल्द चुनाव की घोषणा होनी चाहिए। वहीं, 59 ग्राम पंचायत, 109 बीडीसी और पांच जिला पंचायत की सीटों पर चुनाव लड़ने वाले सैकड़ों उम्मीदवारों ने आरक्षण चस्पा होने के बाद चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। ऐसी स्थिति में हाईकोर्ट का आदेश से कही खुशी तो कहीं गम जैसे हालत है। एडीओ राजेंद्र कुमार ने बताया पूरे दिन कई प्रत्याशियों के आरक्षण के मुद्दे पर फोन बजते रहे। बधाई कलां निवासी पिंकी मलिक कहते हैं कि चुनाव जल्द होंगे, तो परीक्षाएं समय से हो जाएंगी।
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कॉलेज स्टाफ भी ऊहापोह में
माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई बोर्ड के छात्र-छात्राओं के साथ कॉलेज स्टाफ भी पंचायत चुनाव को लेकर ऊहापोह में है। यूपी बोर्ड की परीक्षा 24 अप्रैल और मई के पहले सप्ताह में कार्यक्रम निर्धारित है। यदि हाईकोर्ट के आदेश में मौजूदा आरक्षण के विपरीत आता है, तो परीक्षाओं की तिथि में बदलाव संभव है। गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने परीक्षाओं की तैयारी पूरी कर ली है। होम एग्जाम कराए जा रहे हैं।
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