बुढ़ाना में महाराज श्री विनयांजलि सभा में मौजूद सकल जैन समाज के लोग।
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ज्ञानसागर महाराज के निधन से जैन समाज को अपूरणीय क्षति
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। जैन मुनि ज्ञानसागर जी महाराज के परलोक गमन से जैन समाज शोक में डूबा है। वक्ताओं ने कहा कि जैन मुनि ज्ञानसागर महाराज के निधन से देश और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। उसकी भरपाई नहीं की जा सकती जैन समाज की ओर से आयोजित महाराज की विनयांजलि सभा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
युग प्रणेता जैन मुनि ज्ञानसागर महाराज राजस्थान के बारा में रविवार को शाम छह बजे समाधिस्थ हो गए थे। उनके परलोक गमन से जैन समाज शोक में डूबा है। बुधवार को रात करीब सात बजे दिगंबर जैन मंदिर में महाराज श्री की विनयांजलि सभा का आयोजन हुआ। शोक सभा में नरेंद्र जैन ने कहा कि स्मरणीय महाराज श्री ने सर्वसमाज के हित के लिए कार्य किए। मूल धारा से बिछड़े विभिन्न राज्यों के भाई-बहनों को जैन धर्म की मूल धारा में जोड़ने का काम किया। महेश जैन ने कहा कि महाराज श्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए उनका उत्साह हमेशा बढ़ाते रहे। विपुल जैन ने कहा कि जैन समाज को रोता बिलखता छोड़कर महाराज श्री देवलोक गमन कर मोक्ष गामी हो गए।