आदर्श पंचायत की ओर बढ़ती ज्ञानामाजरा राजपूतान
चरथावल। जिले के बार्डर पर बसे ज्ञानमाजरा राजपूतान और दोनों मजरे स्वच्छता के बूते आदर्श गांव की ओर अग्रसर है। शासन से बजट नहीं मिलने के बावजूद ग्राम प्रधान कंवरपाल ने तीनों गांवों में दो बार सैनिटाइज और एक बार फागिंग कराई है।
शामली जनपद की सीमा से सटी ग्राम पंचायत ज्ञानामाजरा राजपूतान में ज्ञानामाजरा रोढ़ान और हरनाकी गांव जुड़े हैं। इनमें दो गांव तो मुख्यमार्ग से सटे हैं। प्रधान कंवरपाल ने बिना बजट से 500 मास्क तीनों गांवों में पर्सनल खर्चे से बांटे और तीन बार सैनिटाइज और फांगिग कराई। शामली से सीमा में प्रवेश करते ही सुंदर गांव और स्कूल की बिल्डिंग आकर्षित करती है। आदर्श गांव की ओर बढ़ने वाले इस गांव में ग्राम प्रधान कंवरपाल व्यक्तिगत रुचि अहम मानी जाती है। उनके प्रयास से प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और दो किसी मॉडल स्कूल से कम नहीं है। दोनों स्कूलों में आरओ, वाटर कूलर, उम्दा फर्नीचर और स्वच्छ शौचालय और बाथरूम बने हैं। स्कूल में एक बरामदे का निर्माण जनसहयोग से कराया। उनके पुत्र पंकज कुमार ने भी युवाओं की टोलियों के साथ स्वच्छता अभियान चलाकर ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया। वर्ष 2018 में पंकज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में स्वच्छ भारत मिशन में अभियान के तहत सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया था। नाली खड़जा और चकाचक सड़कें गांव के विकास की कहानी बयां करती है।
पांच बार जिले पर हो चुके सम्मानित
चरथावल। ग्राम प्रधान पिछले साढ़े चार साल में पांच बार से ज्यादा बार जनपद पर सम्मानित हो चुके हैं, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन, स्कूलों में पेंटिंग में अव्वल, पूरे गांवों के हर परिवार को ओडीएफ कराने और 2018 में सीएम से सम्मानित होने का गौरव भी कंवरपाल को है। प्रधान बताते है कि ग्राम पंचायत सचिवालय का भवन बजट आने पर तैयार करा दिया जाएगा।
जरूरतमंदों को एक माह से प्रतिदिन कराया जा रहा है भोजन
भोपा। कोरोना के खिलाफ जंग में बेहड़ा सादात की प्रधान अंजू चौधरी योद्धा बनी हैं। अपने कार्यों से गंगा यात्रा के दौरान आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा दिला चुकी ग्राम प्रधान बीते एक माह से प्रतिदिन जरूरतमंदों को भोजन करा रही है।
ग्राम प्रधान मंजू चौधरी का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते गांव में दो बार सैनिटाइज घोल का छिड़काव करा जा चुका है। वह पति उपदेश कुमार उर्फ बबलू, ससुर नरेंद्र सिंह को साथ लेकर कोरोना के योद्धाओं की सेवा में जुटी हुई है। लॉकडाउन होने के बाद पैदल और भूखे-सूखे अपने घरों को जाने वाले लोगों को देख उनके मन में भाव आया कि उन्हें भोजना कराना, किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं होगा। प्रधान के पति बबलू ने बताया कि 25 मार्च से वह अपने घर पर सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक निशुल्क भोजन वितरण करते हैं। ग्राम पंचायत सचिव जयवीर सिंह सहित अन्य लोग भी उनका सहयोग कर रहे हैं। प्रधान मंजू चौधरी ने लोगों से अपील की है कि वह लॉकडाउन के चलते घरों में ही रहे और शासन प्रशासन का सहयोग करें।
गंगा यात्रा के समय मिला था आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा
भोपा। गंगा यात्रा के समय डीएम ने ग्राम पंचायत बेहड़ा सादात को आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा दिया था, जिसमें ग्राम प्रधान मंजू चौधरी द्वारा लगातार प्रयास कर गांव में खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए खेल मैदान, बेहतर जलस्तर के लिए तालाब, शुद्ध पर्यावरण के लिए नर्सरी, गंगा पूजा के लिए गंगा चबूतरा व खाद के लिए गड्डों का निर्माण कराया गया है।