- मणिपुर से घर पहुंचे शिवांश पाल, जताया यूपी सरकार का आभार
- परिवार की खुशी हुई दुगनी, आज सगे भाई की शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। जातीय हिंसा के बीच मणिपुर में फंसा मंसूरपुर का छात्र शिवांश पाल प्रदेश सरकार के प्रयास से बुधवार सुबह चार बजे सुरक्षित अपने घर पहुंच गया। परिजनों के बीच खुशी की लहर है। बृहस्पतिवार को शिवांश के बड़े भाई कपिल की शादी है।
मंसूरपुर मिल निवासी शिवांश पाल पुत्र ब्रह्म सिंह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी इंफाल मणिपुर से मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि वह पांच साल से यूनिवर्सिटी कैंपस में रहकर ही पढ़ाई कर रहा है। यह उसका अंतिम वर्ष है और जून में परीक्षाएं होनी है। मगर, जातीय हिंसा हो जाने के कारण परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इस हिंसा से पूरे मणिपुर में सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है।
उसने बताया कि यूनिवर्सिटी कॉम्पलेक्स में खाने पीने की चीजों की कमी हो गई थी। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में यूपी के 20 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। इसी बीच उसके एक साथी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मणिपुर में फंसे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई थी। यूपी सरकार ने शिकायत का तुरंत संज्ञान लेते हुए मणिपुर से सभी छात्रों को सुरक्षित निकालने की मुहिम शुरू की। उसने बताया कि सरकार ने अपने खर्चे से उन्हें घर तक पहुंचाया है।
बुधवार की सुबह चार बजे उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी उसे घर तक पहुंचा कर गए। शिवांश पाल के घर आने से पिता ब्रह्म सिंह, मां राजबरी, भाई प्रवीण कुमार, कपिल कुमार, बहन सुमन, अर्चना ने राहत की सांस ली है। यूपी सरकार का आभार जताया है। बृहस्पतिवार को उसके बड़े भाई कपिल की शादी है। शिवांश के आ जाने से शादी की खुशियां दुगनी हो गई हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मणिपुर से लौटा छात्र अपने अन्य साथियों के साथ