- सर्च अभियान के 56 घंटे बाद भी नहीं लग सका सुराग
- ग्रामीणों की मांग, नाव की बजाए गोताखोरों से कराई जाए तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। कम्हेड़ा के लापता अश्वनी पाल के परिवार का करीब 56 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। 56 घंटे से गंगनहर में सर्च अभियान चल रहा है, लेकिन परिवार को अभी तक पता नहीं चल सका है। परिजन बेहद चिंतित है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि नाव से तलाशने के बजाए गोताखोरों को बुलाए जाने चाहिए।
गांव कम्हेड़ा निवासी अश्वनी कुमार पाल (25), उसकी पत्नी हिना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे अपने दो बच्चों पांच वर्षीय शिवाय और ढाई वर्षीय अभिनंदन के साथ पुरकाजी आया था। इसके बाद से उसका पता नहीं चल सका है। तभी से अश्वनी का मोबाइल भी बंद है।
सात मई को एक बच्चे शिवाय का शव भोपा क्षेत्र में गंगनहर में मिलने से परिजनों में गम का माहौल है। पुलिस ने गंगनहर में सर्च अभियान चला रखा है। मगर, 56 घंटे गुजर जाने के बावजूद लापता अन्य तीनों परिजनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सर्च अभियान में इंतजाम नाकाफी होने से लापता लोगों का सुराग नहीं लग पा रहा है। ग्रामीणों ने गोताखोरों से तलाश करवाने की मांग की है। सीओ सदर का कहना है कि घटना के दिन से ही पुलिस लापता परिवार की तलाश में लगी हुई है।
लापता परिवार के चस्पा कराए पोस्टर
पुलिस ने लापता परिवार की तलाश में पोस्टर भी चस्पा कराए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि अश्वनी कुमार पाल उत्तराखंड के भगवानपुर में किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। वहां पर अश्वनी और एक युवती एक ही मकान में रह रहे थे। अश्वनी कुमार ने खुद को अविवाहित बताया था। पुलिस ने युवती से भी जानकारी ली है, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।