खतौली के कैलावड़ा में जर्जर मकान में बना कमरा भरभराकर गिर गया। इसके मलबे के नीचे एक महिला अपनी तीन वर्षीय बच्ची के साथ दब गई। जब तक लोग मलबे को हटाते, तब तक बच्ची की मौत हो गई। घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
गांव कैलावड़ा में साहिल का परिवार जर्जर मकान में रहता है। साहिल गुरुग्राम में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी गुलफशा रविवार को अपनी तीन साल की बेटी आयरा के साथ कमरे में काम कर रही थी। इसी वक्त कमरा भरभराकर गिर गया। इसमें मलबे में दोनों दब गई। हादसे की सूचना पर ग्राम प्रधान मन्नू भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से मलबे के नीचे दबी महिला और उसकी बेटी को बाहर निकाला।मगर, आयरा की मौत हो चुकी थी। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस ने घटना क्रम की जानकारी लेने के बाद बच्ची का पोस्टमार्टम के लिए कहा। बच्ची के दादा शेरअली ने पोस्टमार्टम कराने के लिए मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची का शव परिजनों को सौप दिया। उधर मामले की जानकारी पर एसडीएम जीत सिंह राय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान सहित पीड़ितों से पूरे मामले की जानकारी ली।
गारे से की गई थी मकान की चिनाई
ग्राम प्रधान मन्नू ने बताया कि मृतक का मकान ईंटों का बना हुआ था। उसमें गारे की चिनाई थी। छत में कड़ियां पड़ी थी। पुराना मकान होने के कारण जर्जर अवस्था में था।
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पीड़ित परिवार को शासन से मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना से इनका मकान बन सके, इसके लिए भी कार्रवाई कराई जाएगी। जीत सिंह राय, एसडीएम