नगर में कूड़ा जलाने से बढ़ता प्रदूषण स्तर।
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पाबंदी के बावजूद जलाया जा रहा कूड़ा
मुजफ्फरनगर। जिले की वायु प्रदूषण बढ़ने से हवा जहरीली हो रही है, इसके बावजूद भी शहर में कूड़ा जलाया जा रहा है। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उधर, शुक्रवार को स्मॉग छटने से एक्यूआई में गिरावट हुई, फिर भी वह खराब स्थिति में है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 321 दर्ज किया है, जबकि बृहस्पतिवार को वह 439 था।
बढ़ते वायु प्रदूषण से जनपद भी रेड जोन में शामिल है। कूड़ा, पराली आदि जलाने पर पूर्णतया पाबंदी है। बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण और निगरानी के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर करीब दस विभागों को जिम्मेदारी दी गई है, मगर इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। शहर से लेकर कसबे, देहात में कूड़ा जलाया जा रहा हैै।
बृहस्पतिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने एसडीएम जानसठ अजय अम्बष्ट के साथ खेड़ी फिरोजाबाद में कोल्हुओं में रबड़ और पॉलीथिन जलती पकड़ी थी। छह कोल्हू सील किए गए तथा एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया। इधर, शहर में भी कूड़ा जलाया जा रहा है। शुक्रवार को गांधी कालोनी से भोपा रोड जाने वाली सड़क पर बनाए गए डलावघर में कूड़ा जलाया गया, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।