गैंगरेप पीड़ित ने देवबंद में भी कार्रवाई के लिए लड़ी लंबी लड़ाई
देवबंद। लखनऊ में सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाली गैंगरेप पीड़ित ने देवबंद में भी कार्रवाई के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। वह रिपोर्ट दर्ज कराने में सफल तो हो गई, लेकिन पुलिस की अधूरी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुई। इसके चलते उसे आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
प्यार को शादी के अंजाम तक पहुंचाने के लिए पहले उसने खुद कोशिशें की, कामयाब नहीं हुई तो उसने पुलिस का सहारा लिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रेमी उसका हमसफर तो बन गया, लेकिन इसको लेकर वह उससे रंजिश रखने लगा। इसके बाद उस पर तरह तरह से जुल्म ढाए जाने लगे और मौका मिलते ही दबाव में आकर जिंदगी के हमसफर बने पति ने उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दे दिया। यह दास्तां उस मजबूर गैंगरेप पीड़ित की है, जिसने मंगलवार को लखनऊ में सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। नगर के एक मोहल्ला निवासी उक्त महिला ने तीन नवंबर को पति पर षड्यंत्र के तहत अपने साथी खेड़ा अफगान निवासी चिकित्सक समेत दो लोगों पर नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप करने का आरोप लगाया । इतना ही नहीं महिला ने यह आरोप भी लगाया था कि पति ने गैंगरेप की वीडियो बनाई और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर तीन तलाक दे दिया। इसके बाद वह शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची, पुुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। फिर उसने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बया किया। मामला सुर्खियों में आने के बाद डीएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 19 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जबकि दोनों आरोपी तभी से फरार चल रहे हैं। पीड़ित उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही थी, लेकिन कहीं उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते उसने मंगलवार को लखनऊ में आत्मदाह का प्रयास किया।
पति की बेशर्मी की इंतेहा, बल्ब के होल्डरों में लगे मिले कैमरे
देवबंद। पूर्व में कार्रवाई के लिए इधर उधर भटक रही गैंगरेप पीड़ित जब मीडिया के सामने आई तो उसने बताया कि पति ने कमरे में लगे बल्ब के होल्डरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए। इससे वह उसकी हर गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही आपसी संबंधों को रिकॉर्ड करता था। यह तमाम चीजें उसे कमरे से बरामद हुई। जिसे उसने पुलिस को भी दिखाया। एक नहीं बल्कि कमरे में चारों तरफ लगे होल्डरों और बोर्ड के भीतर भी उसने कैमरे लगाए।