- सीएम ने 22 जुलाई को सोलानी नदी में गंगाजल लाने की शुरूआत की थी
- पानी बढ़ने से पुरकाजी खादर क्षेत्र में डूब गई हैं फसलें, ग्रामीण परेशान
- किसान बोले, मैदानी भाग का सर्वे कराकर स्थायी इंतजाम होना चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ में सोलानी नदी के जरिए लाया जा रहा गंगा का पानी खादर के करीब 21 गांव के किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। सोलानी के पानी से फसलें डूब गई हैं। किसानों का कहना है कि पानी के लिए मैदानी भाग का सर्वे होकर स्थायी इंतजाम किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जुलाई को शुकतीर्थ पहुंचकर सोलानी नदी में गंगाजल लाने की शुरूआत की थी। उत्तराखंड से रोजाना अपर गंगा कैनाल से सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा पानी पुरकाजी खादर क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है। खादर क्षेत्र के करीब 21 गांव प्रभावित हैं। रास्तों पर नदी का पानी भरा हुआ है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना सर्वे और तैयारी के गंगा का पानी लाया गया है, जिससे मुसीबत खड़ी हो रही है।
खादर में मुसीबत, डीएम से मिले किसान
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मोनू प्रधान ने कहा कि गंगा की जल धारा आने से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूटने का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सर्वे के ही जल लाने की मुहिम की शुरुआत की गई है। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मुलाकात की। भाकियू ने कहा कि खादर क्षेत्र का सर्वे कराकर ही पानी लाया जाना चाहिए था। बाढ़ की आशंका जताई गई है। इस मौके पर बुड्डा सिंह, शशि गुर्जर, जगतार सिंह, नरेंद्र सिंह, गुलजार प्रधान, वीरपाल गुर्जर और भूपेंद्र सिंह मौजूद रहे।
ये गांव हो रहे प्रभावित
पुरकाजी खादर क्षेत्र के शेरपुर, भदौला, भदौली, चानचक, चमरावाला, सुहैली, जिंदावाला, अलमावाला, बढ़ीवाला, खेड़की, रजगल्लापुर, फरखपुर, मारकपुर सहित करीब 21 गांव के लिए सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा पानी मुसीबत बन रहा है।
पानी की गुणवत्ता की होगी जांच : अंकित सिंह
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि बदबूदार पानी आने की शिकायत पर जांच कराई जा रही है। विभाग की टीम भेजकर सैंपल लिए जाएंगे और जांच कराई जाएगी।