शुक्रताल में गंगा स्नान करते श्रद्धालु।
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शुक्रताल में ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व पर दूरदराज से आये हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। श्रद्धालुओं ने घाट पर पुरोहितों से पूजा कराई। गऊ धन का दान भी किया। वहीं धाम के विभिन्न मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बजाकर दर्शन किए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था बनाने को पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
गंगा अवतरण दिवस के पावन पर्व पर तीर्थनगरी शुक्रताल नगरी में दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारे के साथ गंगा में आस्था की डुबकी धर्म लाभ कमाया। महिला श्रद्धालुओं ने ढोल, बैंड बाजों के बीच धार्मिक भजनों को गाते हुए गंगा घाट पर जाकर अपने सुहाग की रक्षा को लेकर विशेष पूजा-अर्चना की।
वहीं, धाम के शुकदेव आश्रम में प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर मन्नत का धागा बांधकर अपने खुशहाली के लिए मन्नत मांगी। मंदिर के घंटे घड़ियाल को बजाकर श्रीकृष्ण भगवान सहित सप्त ऋषियों के दर्शन किए। शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव की समाधि स्थल पर जाकर पुष्पाजंलि अर्पित की।
स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी कैश्वानंद महाराज, स्वामी उत्तम गिरी महाराज, वैददास महाराज, विष्णु दत्त महाराज, अयोध्या प्रसाद, स्वामी भक्ति भूषण गोविंद महाराज, गोपालाचार्य महाराज, स्वामी कृपालदास महाराज आदि से आशीव्राद लेकर श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लिया। सीओ भोपा सूक्ष्म प्रकाश और थानाध्यक्ष पीतम सिंह, एसओ ककरौली पंकज त्यागी पुलिस बल समेत मौजूद रहे। देर रात एसएसपी दीपक कुमार ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।