ईंट भट्ठा से 15 मजदूर मुक्त कराए
मुजफ्फरनगर। सदर तहसील से करीब 15 बंधुआ मजदूरों को बझेड़ी गांव से मुक्त कराया गया है। शाहपुर ब्लॉक के गांवों के इन भट्ठा मजदूरों ने बताया कि उनकी हालत यहां दयनीय बनी हुई थी। आरोप लगाया कि छह महीने से उनके काम का मेहनताना नहीं दिया गया है।
शिकायत के बाद दिल्ली से नेशनल कैंपेन कमिटी फ़ॉर इरेडिकेशन ऑफ बोंडेड लेबर के कार्यकर्ताओं ने जिले में काम कर रही एक्शन ऐड संस्था के पदाधिकारियों को लेकर प्रशासन से संपर्क किया और मजदूरों को मुक्त करने का बीड़ा उठाया। टीम ने ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क से संपर्क किया और एक टीम बनाकर इस अभियान के लिए दिल्ली से रवाना की। जिला प्रशासन ने दिल्ली से आई टीम को लेकर बझेड़ी गांव के ईंट भट्ठे पर रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया। लेबर ऑफिसर शाहिद अली ने सभी मजदूरों के बयान दर्ज किए। मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं बंधुआ मुक्ति मोर्चा के सचिव निर्मल गोराना ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए बंधुआ मजदूर पुनर्वास योजना 2016 के तहत पुनर्वासित करना चाहिए। रेस्क्यू अभियान टीम का हिस्सा रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता क़मर इंतेख़ाब ने कहा कि अधिकतर मजदूर भूमिहीन एवं अत्यंत गरीब हैं, जो कि बंधुआ मजदूरी के जाल में फंस जाते हैं। ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के वकील विनोद कुमार ने रेस्क्यू अभियान में बताया कि बंधुआ मजदूरों को तीन तीन लाख रुपये प्रति मजदूर, आवास एवं खेती के लिए भूमि आवंटन से लेकर मजदूरों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तक पुनर्वास के तहत प्रदान कि जानी है। रेस्क्यू अभियान में दिल्ली से आये ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के वकील, एसडीएम सदर दीपक कुमार, लेबर ऑफिसर शाहिद अली, नई मंडी थाने के पुलिस अधिकारी और क्षेत्र के कानूनगों एवं लेखपाल आदि मौजूद रहे।