बेटी को दो लाख रुपये का अनुदान देने की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के आवेदन लोगों ने मंत्रालय को भेजने शुरू कर दिए। जबकि केंद्र सरकार ने इस तरह की किसी योजना को शुरू नहीं किया है। सूचना पर जिला प्रोबेशन अधिकारी टीम के साथ गांव खानुपुर में पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान से ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कहा और पंचायत घर में नोटिस चस्पा कराया। उन्होंने फोटो स्टेट करने वालों को भी इस तरह के आवेदन पत्र बेचने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
नगरपालिका के सभासद पंकज भटनागर ने सबसे पहले यह मामला पकड़ा। सभासद ने बताया कि वार्ड के लोग उनके पास आवेदन पत्र लेकर मुहर लगवाने के लिए आए। उनको इस योजना को लेकर शक हुआ, तो उन्होंने लोगों से पूछा कि वे यह आवेदन पत्र कहां से लाए हैं। लोगों ने बताया कि यह आवेदन पत्र फोटो स्टेट की दुकान से मिल रहे हैं। सभासद ने इस संबंध में मंगलवार सुबह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में फोन किया। अधिकारी अश्वनी से पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेटी को दो लाख रुपये का अनुदान देने की योजना लागू की है।
अधिकारी ने सभासद को बताया कि प्रधानमंत्री की ऐसी कोई योजना नहीं है। उनको ऐसी शिकायत लगातार मिल रही हैं। इसलिए मंत्रालय की ओर से मेरठ में जनरल सेक्रेट्री रेणुका को नियुक्त किया गया है। वे इस मामले की जानकारी कर रही हैं। लोगों को भ्रमित करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मंगलवार को डाकघर में आवेदन पत्र रजिस्ट्री करने वालों की भीड़ लगी रही। इसका पता चलने पर मंसूरपुर के गांव खानुपुर में जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र व सहायक कुलदीप टीम के साथ पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि इस तरह की कोई योजना नहीं है। लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधान से गांव में लोगों को इसके प्रति जागरूक करने को कहा है।