मुजफ्फरनगर। भोपा में दुकानदार के बेटे से रंगदारी वसूलने के मामले में गिरफ्तार किए आरोपी से पैसा लेने के मामले में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने भोपा सीओ कार्यालय में तैनात सिपाही तरुण को निलंबित कर दिया। जांच एसपी सिटी को सौंपी है। इसके अलावा बिना अनुमति लिए थाने से गायब रहने के मामले में रतनपुरी थाने में तैनात एक मुंशी सहित तीन सिपाहियों को निलंबित किया है।
भोपा थाने के गांव किशनपुर में मिठाई व परचून की दुकान करने वाले भूरा ने 28 जून को भोपा पुलिस से शिकायत कर बताया था कि उसका बेटा नदीम दुकान पर बैठा था। तभी गांव का ही रहने वाला युवक अमजद उसके पास आया और उससे पैसे मांगने लगा।
उनके बेटे ने मना किया तो उसे फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये मांगने लगा।
उसे डरा धमकाकर एक लाख रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी कह रहा है कि उनके बेटे के खिलाफ केस है और उसे निपटाने के लिए पैसे चाहिए। वह पैसे का दबाव बना रहा है। भोपा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी से तीस हजार रुपये बरामद किए थे।
भोपा थाना प्रभारी ने इस मामले में जांच की तो पाया कि आरोपी अमजद ने सीओ भोपा के कार्यालय में तैनात सिपाही तरुण को भी पैसा दिया था। थाना प्रभारी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर एसपी देहात को सौंपी थी। उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी को सौंपी थी। एसएसपी ने तरुण का निलंबित कर दिया।
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि थाना रतनपुरी में तैनात थाने का मुंंशी गौरव, सिपाही सचिन व राहुल एक सप्ताह पहले बिना बताए डयूटी से गायब हो गए थे। उन्हें निरीक्षण के दौरान तीनों पुलिसकर्मी नही मिले थे।
इसी के चलते तीनों को निलंबित किया गया है। भोपा व रतनपुरी थाने में पुलिसकर्मियों के निलंबन के मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।