मुजफ्फरनगर। पांच साल पहले चरथावल थाना क्षेत्र में छात्राओं से छेड़खानी, कपड़े फाड़ने और ईख के खेत में खींचने के मामले में चार आरोपी साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त हो गए। अदालत ने वादी को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। अपर जनपद न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-दो के पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने यह फैसला सुनाया।
पांच फरवरी 2019 को कक्षा 12 की तीन छात्राएं पैदल अपने गांव लौट रही थी। इस दौरान बाइक पर सवार होकर आए चार युवकों ने एक छात्रा को ईख के खेत में खींच लिया और पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए थे। दूसरी छात्राओं ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण एकत्र हो गए। मौके से पकड़े गए दो युवकों की पिटाई भी की गई। पीड़िता के चाचा ने आरोपी शाहनवाज, फरहान, सुहैल और अमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था जबकि शाहनवाज और फरहान को मौके पर पकड़ा गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत में प्रकरण की सुनवाई शुरू हुई। पीड़िताओं और वादी ने अदालत में घटना स्वीकार की, लेकिन आरोपियों को नहीं पहचाना। साक्ष्य के अभाव में चारों आरोपी दोषमुक्त करार दिए गए। अदालत ने आदेश दिए कि वादी को नोटिस जारी किया जाए।
मासूम के साथ कुकर्म के दोषी को राहत नहीं
मुजफ्फरनगर। खतौली थाना क्षेत्र के गांव में छह साल के मासूम के साथ कुकर्म करने के दोषी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई। वारदात 20 मार्च 2021 को हुई थी। स्कूल से लौटे मासूम को लालच देकर आरोपी जबर सिंह ने कुकर्म किया। पीड़ित पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की पीठासीन अधिकारी अलका भारती ने सुनवाई की।