हैंडपंप की चौकियों पर लिखा गया रिजेक्ट।
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जल निगम ग्रामीण डिविजन में पूर्व में हुए पाइप वजन घोटाले के बाद एक्सईएन अपना एक-एक कदम बडे संभालकर रख रहे है। हैंडपंपों की चौकियों को अभी जांच के लिए भेजा भी नहीं गया है कि एक्सईएन ने इन चौकियों को रिजेक्ट कर दिया है। वहीं चौकियों को मार्क करते हुए उनपर भी रिजेक्ट लिखवा दिया है। अब इन चौकियों को वापस भेजने की तैयारी चल रही है।
प्रत्येक विधायक के क्षेत्र में सौ-सौ हैंडपंप लगाए जाने है। जिसकी तैयारी में जल निगम जुटा हुआ है। शनिवार को उक्त हैंडपंपों के लिए दो ट्रकों में करीब तीन सौ चौकियां आयी थी। इन चौकियों को जैसे ही ट्रक से उतारा गया तो एक्सईएन इन की हालत को देखकर दंग रह गए।
एक्सईएन पीके अग्रवाल को सभी चौकियां अधोमानक लगी। वहीं ठेकेदारों ने भी इन चौकियों का इस्तेमाल करने से इंकार कर दिया। हैंडपंपों के लिए आयी तीन सौ चौकियों को लेकर जल निगम में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
एक्सईएन ने अभी इन चौकियों को जांच के लिए रुड़की आइआइटी प्रयोगशाला में भी नहीं भेजा है। उन्होंने इन चौकियों को घटिया क्वालिटी की मानते हुए इन्हें रिजेक्ट कर दिया है। वहीं लाल रंग के पेंट से इन चौकियों को मार्क करते हुए रिजेक्ट लिखवा भी दिया है।
एक्सईएन का कहना है कि जांच होने के बाद रिपोर्ट चाहे कुछ भी आयी, वे इन चौकियों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। ये चौकियां देखने भी अच्छी नहीं लग रही और घटिया क्वालिटी की लग रही है। इन चौकियों को वापस भेजने की तैयारी की जा रही है। जेई को इस मामले में रिपोर्ट बनाकर देने के आदेश दिए हैं।