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Muzaffarnagar News: पूर्व विधायक शाहनवाज राना को हाईकोर्ट से जमानत

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मुजफ्फरनगर। चित्रकूट जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना को गैंगस्टर के मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पिछले साल दिसंबर में जीएसटी टीम पर हमले के बाद राना की मुसीबत बढ़नी शुरू हो गई थी। पूर्व विधायक काे नौ महीने बाद राहत मिली है। गैंगस्टर के अलावा सभी मामलों में उनकी जमानत हो चुकी है।
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मेरठ रोड स्थित राना स्टील पर जीएसटी टीम ने पांच दिसंबर 2024 को छापा मारा था। पुलिस ने टीम के साथ बदसलूकी के मामले में राना को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद राना पर कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। सिविल लाइन थाना पुलिस ने जेल में रहने के दौरान उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई की।
सेशन कोर्ट से 31 मई को उनकी जमानत इस प्रकरण में खारिज हो गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की। 21 जुलाई को जमानत पर सुनवाई के बाद बेंच ने निर्णय सुरक्षित कर लिया था। अब राना को जमानत दे दी गई है। फिलहाल छुट्टियों बाद उनके जेल से बाहर आने की संभावना है।
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25 मार्च को मिला मोबाइल, गाजी के खिलाफ मुकदमा
मुजफ्फरनगर। 25 मार्च की रात जिला कारागार में चेकिंग के दौरान जेलर राजेश कुमार ने राना से मोबाइल बरामद किया था। इस मामले में उनके खिलाफ नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में उन्हें निचली अदालत से जमानत पहले मिल गई थी। हालांकि डीजी जेल पीवी रामा शास्त्री के निरीक्षण के बाद राना को चित्रकूट जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। मोबाइल प्रकरण में पूर्व विधायक के समधी पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। गाजी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ब्यूरो
यह मुकदमा भी हुआ था दर्ज
सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रद्युम्न चौधरी ने नौ दिसंबर को सिविल लाइन थाने में सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर पूर्व विधायक के बेटे शाह आजम राना के अलावा कामरान राना, जिया अब्बास जैदी और तौसीफ कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा जंबूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले।न्यू यूपी उत्तरांचल टीपीटी कंपनी रामपुर चुंगी रुड़की, अयान रोड लाइंस राना चौक, हरियाणा महाराष्ट्र फ्रेट कैरियर कैथल हरियाणा, बरकत धर्मकांटा मेरठ रोड की बिल्टी फर्जी पेश की गई। इन संस्थानों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। पुलिस ने इस मामले में पूर्व विधायक को भी आरोपी बनाया था। इस मामले में हाईकोर्ट से 26 मई को जमानत मिल गई थी।
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