मुजफ्फरनगर दंगा :
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। दंगे के दौरान शहीद चौक की सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद मीरापुर के पूर्व विधायक मौलाना जमील और चरथावल के पूर्व विधायक नूर सलीम राणा ने अदालत में सरेंडर कर वारंट रिकॉल कराए। सिविल जज सीनियर डिवीजन (विशेष एमपी/एमएलए) कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जयसवाल ने सुनवाई की। सुनवाई के लिए दोनों पूर्व विधायकों को 20 जुलाई को हाजिर रहने के आदेश दिए गए।
जुमे की नमाज के बाद 30 अगस्त 2013 को शहीद चौक से फक्करशाह चौक जाने वाले मार्ग को अवरूद्ध कर जनसभा की गई थी। पुलिस ने दो समुदायों के बीच वैमन्स्यता फैलाने और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पूर्व मंत्री सईदुज्जमां, सलमान सईद, तत्कालीन सांसद कादिर राणा, सुल्तान नसीर एडवोकेट, नौशाद कुरैशी, मुर्शरफ, मीरापुर के तत्कालीन विधायक मौलाना जमील, चरथावल के तत्कालीन विधायक नूर सलीम राणा, अहसान कुरैशी, असद जमां एडवोकेट को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया था।
प्रकरण की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन (विशेष एमपी/एमएलए) कोर्ट में चल रही है। अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण मौलाना जमील अहमद और नूर सलीम राणा के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमजद अली ने बताया कि सोमवार को दोनों पूर्व विधायकों ने अदालत में सरेंडर कर वारंट रिकॉल कराए हैं।