कोर्ट में पेशी पर पहुचें पूर्व विधायक उमेश मलिक।
- विधानसभा चुनाव 2017 के नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव 2017 के नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक को दोषी पाया गया। अदालत ने उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ढोल और लाउडस्पीकर के मलिक नामांकन करने के लिए पहुंचे थे।
भाजपा ने 2017 के चुनाव में बुढ़ाना विधानसभा सीट से उमेश मलिक को प्रत्याशी घोषित किया था। 21 जनवरी 2017 को नामांकन दाखिल करने के लिए भाजपा प्रत्याशी थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र में महावीर चौक से कलक्ट्रेट के प्रकाश चौक गेट की तरफ पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी हुई। ढोल और लाउडस्पीकर बजाए गए। 100-150 समर्थक साथ थे। पुलिस ने समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया और भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट को मामले की जानकारी दी। धारा 144 के उल्लंघन में परिवाद दाखिल किया गया।
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए कोर्ट) के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने की। विधायक पर दोष सिद्ध हुआ। अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार भाटी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्यामवीर सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। बचाव पक्ष ने अर्थदंड जमा किया, जिसके बाद विधायक को जमानत मिल गई।