मीरापुर। मीरापुर और आसपास के गांवों में बुखार कहर बरपा रहा है। बीते 24 घंटों में बुखार से पांच मौतें हो गई। जिनमें एक युवक, एक बुजुर्ग और तीन महिलाएं शामिल हैं। कस्बे के समस्त डॉक्टरों के क्लीनिकों पर बुखार पीडितों की लम्बी कतार लगी है। प्रशासन की ओर से बुखार पीड़ितों की मदद के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई।
बुखार के प्रकोप के कारण दहशत व्याप्त है। थानाध्यक्ष चन्द्रकिरण यादव, एक दरोगा और छह पुलिसकर्मी भी बुखार से पीड़ित हैं। गांव चुड़ियाला निवासी रामनरेश का 18 वर्षीय पुत्र रोहित डेंगू से पीड़ित था। स्थानीय डॉक्टरों से उपचार कराने के बाद भी रोहित ठीक नहीं हो पाया, तो परिजनों ने उसे मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां भी डॉक्टर होनहार युवक को नहीं बचा सके। इसी गांव के मोहम्मदी की बेटी मेहराज 28 वर्ष का भी बुखार पीड़ित होने से इन्तकाल हो गया। मेहराज कई रोज से बेगराजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती थी।
मीरापुर के मोहल्ला बेरीबाग निवासी साकिर की पत्नी तीन बच्चों की मां रेशमा की भी डेंगू के कारण मौत हो गई। मोहल्ला मुश्तर्क के बुजुर्ग मोहम्मद हनीफ को बुखार के चलते परिजनों ने दिल्ली में भर्ती कराया था, वहां उसकी मौत हो गई। मोहल्ला मुश्तर्क निवासी मजीद की पत्नी ने भी दम तोड़ा।
खुड्डा के युवक की डेंगू से मौत
छपार। खुड्डा गांव में डेंगू से एक युवक की मृत्यु हो गई। खोजा नंगला गांव भी ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। क्षेत्र के अधिकतर गांव इस समय बुखार की चपेट में हैं। खुड्डा निवासी रिजवान (28) पुत्र मंगता कई दिनों से बुखार से पीड़ित था।
तीन दिन पहले उसे परिजनों ने उसे गंभीर हालत में मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। हालत में सुधार नहीं होने पर वहां से डाक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। उधर, गांव खोजा नंगला में भी डेंगू बुखार का प्रकोप जारी है। गांव के प्रधान बाबर को भी डेंगू हो गया था, कई दिन तक नर्सिंग होम में भर्ती होकर इलाज कराना पड़ा।
गांव का ही फय्याज भी डेंगू बुखार से पीड़ित है। फिलहाल मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है। मोमिन को भी डेंगू हो गया था। इसके अलावा भूरा, मुकर्रम, फातिमा, रुखसाना, गुफरान, मुर्तजा, साबिर आदि भी बुखार से पीड़ित है। सभी ग्रामीण डरे सहमें हुए है।