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मंगलकारी सांझी आई, देवी का हुआ पदार्पण

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शाहपुर में शारदीय नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं ने घरों में सांझी की स्थापना करते। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। श्रद्धा और आस्था की प्रतीक देवी स्वरूपा मां सांझी का पदार्पण घरों में उल्लास के साथ होगा। भले बदलते दौर में रेडीमेड़ सांझी लगाने की परंपरा बढ़ी हो, पर कस्बे और देहात में सांझी उत्सव का अद्भूत वैभव नजर आता है। सांध्यकाल में गली-मोहल्लों की बेटियां टिमटिमाते दीयों की थाली लेकर सामूहिक रूप से सांझी गीत आरता जी आरता, सांझी माई आरता...आदि से घर-आंगन को जगमग करती हैं। सांझी के समक्ष पहले नवरात्रे को नौर बोने की तैयारी की गई है।
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शुक्रवार को उल्लास के साथ घरों में मंगलकारी सांझी सजाई गई। हालांकि मिट्टी की किल्लत और नई पीढ़ी की महिलाओं के बदलते अंदाज ने रेडीमेड सांझी की ओर रुख कर दिया है लेकिन अभी भी युवतियों और विवाहिताओं द्वारा हस्तनिर्मित सांझी बनाने का रुझान बना हुआ है। मिट्टी से सांझी तैयार कर सुंदर रंगों की कला में उनकी भावनाओं का समावेश होता है। कस्बे के महाब्रह्मणान में राजेश कश्यप, अर्चना और मंजू वर्मा एवं पीपलशाह गांव में उर्मिला ने पुत्रवधू शशि पुंडीर के साथ हस्त निर्मित सांझी तैयार की और शाम के वक्त घरों में सजाई। किशोरियों और नन्हें मुन्ने बच्चों की जिद्द पर गृहिणियों द्वारा खुद बनाकर सांझी का भाई टिकड़ी, तोते, बाजे वाला, मोर, बामनी, चाट वाले आकर्षक खिलौनों से सांझी दरबार का भव्य बनाया।
गांव में हस्त निर्मित सांझी को किशोरियों के लिए कला सीखने की पहली सीढ़ी मानी जाती थी। सांझी विक्रेता आलोक कुमार कहते हैं कि परंपरा में तब्दीली का साफ रुख सांझी पर नजर आने लगा है। कस्बे एवं देहात में ग्रामीण परिवेश में अधिकांश सांझी बाजार से खरीदी कर लगाई गई। गली-मोहल्लों में सांझी ले लो, सांझी ले लो की आवाज की धूम हैं। दुकानदार और फेरी वाले 50 से शुरू होकर 200 रुपये तक सांझी का मोल भाव करते नजर आए।
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माता के भक्तों ने की सांझी व शृंगार की खरीदारी
पुरकाजी। शनिवार से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर शुक्रवार को माता के भक्तों ने सांझी व माता के शृंगार की जमकर खरीदारी की, जिसे लेकर दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। नवरात्र में प्रतिदिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, इसे लेकर श्रद्धालु तैयारियों में लगे हैं। नवरात्र शुरू होने पर घरों में विराजमान की जाने वाली सांझी की शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने माता की चुनरी, बिंदी, नारियल व धूपबत्ती और माता के अन्य शृंगार की खरीदारी भी की।
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