रामपुर तिराहा कांड में आखिरकार फैसले की घड़ी आ चुकी है। तीन दशक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है। सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने फैसले के लिए 15 मार्च की तिथि तय कर दी है।
पीड़िताओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म का आरोप है। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मिलाप सिंह पत्रावली में सुनवाई पूरी हो गई। आरोपी गाजियाबाद पीएसी में तैनात थे। आंदोलनकारियों को रोकने के लिए उनकी ड्यूटी रामपुर तिराहा पर लगाई गई थी।