मुजफ्फरनगर। लखनऊ में हादसे के बाद अग्निशमन विभाग ने अन्य विभागों के साथ समन्वय कर जिलेभर में कोचिंग सेंटरों, होटलों, भवनों, ढाबों पर जांच अभियान चलाया। शहर के तीन कोचिंग सेंटर समेत कुल 10 संस्थानों पर सील लगाई गई है। बेसमेंट में चलाए जा रहे पांच कोचिंग सेंटर खाली कराए गए। शहर के शिव चौक पर लंबे समय से संचालित किए जा रहे भोजनालय को भी सील कर दिया गया।
बुधवार को अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, एमडीए की अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने दोपहर में चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने सबसे पहले प्रकाश चौक के पास एनआईजीटी इंस्टीट्यूट, एसडी कॉलेज के सामने आईआईएफएल व रेलवे स्टेशन के सामने जय माता दी डॉरमेट्री पर कार्रवाई की। वहां आग से बचाव के मानक पूरी नहीं मिले। भवन निर्माण में भी कमी पाई गई।
इसी के चलते तीनों संस्थानों को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम ने एटूजेड सड़क पर कार्रवाई की तो वहां पर चार कोचिंग सेंटर व एक टिकैत चौक के पास बेसमेंट में चलते मिले। टीम ने वहां भी मानक पूरे नहीं पाए। पांचों सेंटरों को खाली करा कर मानक पूरे करने के बाद ही उन्हें खोलने के आदेश दिए गए।
अग्निशमन विभाग टीम ने जानसठ में उप जिलाधिकारी रश्मि लांबा व नगर पंचायत के कर्मचारियों को साथ लेकर इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर सेंटर, विश्वकर्मा व संकल्प लाइब्रेरी को मानक पूरे न होने पर सील कर दिया। शाम के समय नगर में शिव चौक के पास पंडित भोजनालय में बाहर निकलने वाले दो गेट को छोटा मानते हुए सुरक्षा के मानक पूरे न होने के चलते सील कर दिया गया।
10 कोचिंग सेंटर पर लगाई सील
कोचिंग सेंटर व अन्य संस्थानों में सुरक्षा के मानक पूरे होने को लेकर चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान 10 कोचिंग सेंटर सील किए गए। पांच सेंटर खाली कराए गए। एक भोजनालय को भी सील किया गया है। यह अभियान अभी चलाया जाता रहेगा। - अनुराग कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
यहां भी मिली है खामियां, सील लगाई
एमडीएम ने अंसारी रोड पर कॉम्पलेक्स, हाईवे किंग रामपुर में बिना अनुमति निर्माण कार्य, रामपुरी में बिना अनुमति के शिवा ढाबा को सील कर दिया।
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हर गली में कोचिंग सेंटर, अनुमित सिर्फ 26 की
- कार्रवाई के डर से हटाए जा रहे बोर्ड, लगा दिए ताले
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिले में भी कोचिंग सेंटरों के मानकों की जांच पड़ताल शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग से मात्र 26 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार इन 26 कोचिंग सेंटर ने बुनियादी और भौतिक सुविधाओं के मानक पूरा करने पर अनुमति पत्र प्राप्त किया हुआ है जोकि तीन साल के लिए वैध है। इससे अलग शहर की ऊंची इमारतों, संकरी गलियों से लेकर देहात के छोटे छोटे भवनों में चल रहे अनगिनत ऐसे कोचिंग सेंटर है जोकि बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। नगर क्षेत्र में मात्र 14 ऐसे कोचिंग सेंटर हैं जोकि मान्यता के आधार पर चल रहे हैं। बुढ़ाना में तीन, खतौली में दो, जानसठ में पांच, मोरना में दो कोचिंग सेंटर ही विभाग के दस्तावेजों पर पंजीकृत हैं। इनके अलावा जिले भर में अधिकांश कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के ही चल रहे हैं। अब कार्रवाई के डर से अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर ने अपने बोर्ड हटाने और ताले लगाने शुरू कर दिए हैं।
जांच टीम की जाएगी गठित
एडीआईओएस सुभाष चंद ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोचिंग सेंटरों के मानकों के निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जांच टीम गठित गई है। जांच टीम जिले में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। बिना पंजीकरण और नवीनीकरण के चल रहे केंद्रों को बंद कराया जाएगा।