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Muzaffarnagar News: गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी 3.50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के ऐसे मरीजों के लिए राहत की खबर है, जिनके सामने गंभीर बीमारी के उपचार का भारी खर्च चुनौती बना है। पांच लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले पात्र एससी-एसटी मरीजों को डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड स्कीम का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज, सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण और अन्य जीवन रक्षक उपचार के लिए अधिकतम 3.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड स्कीम को 2026 में संशोधित किया गया है। बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की देखरेख में संचालित इस योजना के लिए पात्र को सीधे आवेदन करना होगा।
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आवेदन के साथ संबंधित अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर से जारी मूल अनुमानित लागत प्रमाणपत्र देना होगा। इसमें ऑपरेशन की निर्धारित तारीख भी अंकित होनी चाहिए। इसके अलावा आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, मरीज का राशन और आधार कार्ड लगाना होगा। बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में लाभार्थी से संबंध, डोनर का नाम, उम्र, पता, ब्लड ग्रुप और आधार संबंधी विवरण भी देना होगा।
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किस बीमारी के तहत मिलेगी कितनी सहायता
बीमारी अधिकतम आर्थिक सहायता
हार्ट सर्जरी 1.5 लाख
किडनी सर्जरी 3.5 लाख
कैंसर, सर्जरी, कीमोथेरेपी 2.5 लाख
ब्रेन सर्जरी 2.0 लाख
अंग प्रत्यारोपण 3.5 लाख
स्पाइनल सर्जरी 1.5 लाख
अन्य घातक बीमारियां 2.0 लाख

इन अस्पतालों में इलाज पर मिल सकता है लाभ
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ कुछ चुनिंदा अस्पतालों में उपचार के लिए ही मिल सकता है। इनमें एआईआईएमएस नई दिल्ली और अन्य राज्यों के एआईआईएमएस, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट लखनऊ, पटना मेडिकल कॉलेज, जबलपुर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर शामिल हैं। इनके अलावा बी. बरुआ कैंसर इंस्टीट्यूट गुवाहाटी, बिड़ला हार्ट फाउंडेशन कोलकाता, टाटा कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट मुंबई, निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैदराबाद और द वॉलंटरी हेल्थ सर्विसेज चेन्नई समेत निर्धारित सरकारी और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में उपचार के लिए मिल सकता है। राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेज, सरकारी अस्पताल और राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त अस्पताल भी योजना के दायरे में हैं।
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