मोरना के पंजाब एंड सिंध बैंक अधिकारियों की लापरवाही से 15 वर्षीय छात्रा ने बैंक परिसर में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने छात्रा का उपचार कराने के लिए उसकी एफडी तुड़वाई, लेकिन बैंक अधिकारी इस रकम को निकालने के लिए खाता खुलवाने के नाम पर उन्हें 10 दिन से परेशान कर रहे थे। बुधवार को खाता खुलवाने की प्रक्रिया के दौरान ही छात्रा की मौत हो गई।
थाना भोपा के गांव भेड़ाहेड़ी निवासी ग्यासू कश्यप ने बताया कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री काजल महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज मोरना में कक्षा छह की छात्रा थी। एक सप्ताह से वह बुखार से पीड़ित थी। इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो परिजनों ने काजल के नाम से की गई एफडी तुड़वाने का मन बना लिया। आरोप है कि बैंक अधिकारी के पास छात्रा के परिजन खाता खोलने को लेकर चार दिनों से चक्कर काट रहे थे।
बुधवार को काजल की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसको रेहडे़ में बैठाकर बैंक ले आए। काफी समय बीत जाने के कारण काजल की तबीयत और बिगड़ गई। परिजन बैंक कर्मचारियों से विनती करते रहे, छात्रा के हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया, किंतु बीमार छात्रा ने दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत होने पर परिजनों ने बैंक अधिकरियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
ग्राम प्रधान संजीव यादव, पवन यादव, मनोज, शैलेश शर्मा, विक्की शर्मा, सुरेंद्र पाल, शमीम, सुभाष, रियाजूद्दीन आदि ने बैंक के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्र्रवाई की मांग की है। वहीं समाजसेवी बबलू यादव, रजनीश, सतेंद्र, नरेंद्र, अनिल, बबलू चौधरी आदि ने शाख प्रबंधक पर शराब के नशे में धुत होकर कार्य करने का आरोप लगाया है।
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छात्रा की एफडी मेच्योर हो चुकी है। खाता खुलवाने के बाद 10 हजार का पेमेंट कर दिया गया था। बुधवार को छात्रा के अंगूठे की निशानी लेकर परिजन बाकी रकम निकालने का प्रयास कर रहे थे। कहा कि नाबालिगों के खाते से एक दिन में 10 हजार रुपये से ज्यादा रकम नहीं निकाली जा सकती है। - धर्मवीर सिंह, शाखा प्रबंधक