मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। हाईवे पर जाम लगाने वालों के खिलाफ हुए दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने बृहस्पतिवार को जमकर उत्पात मचाया।
सैकड़ों किसानों ने हंगामा करते हुए ट्रेन रोक दी। इसके बाद थाने पर कब्जा कर धरना देकर बैठ गए। किसानों ने एसपी देहात और सीओ को भी बंधक बना लिया।
सुबह दस बजे से ही किसान भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी के आवास पर एकत्र होने लगे थे। करीब 11 बजे किसान पहले रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां पर जाम लगाने के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर अंबाला पैसेंजर ट्रेन को 15 मिनट तक रोके रखा।
इसके बाद किसान जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे। हंगामा करते हुए किसान एसओ की कुर्सी पर बैठ गए थे। किसान मुकदमे वापस लेने और सामूहिक गिरफ्तारी देने को थाने में धरना देकर बैठ गए।
व्यापारी भी बाजार बंद कर गिरफ्तारी देने के लिए थाने में किसानों के धरने में शामिल हुए। चंद्रपाल फौजी ने कहा कि शासन और प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस प्रशासन या तो दर्ज मुकदमे वापस ले अन्यथा किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजे। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, वे थाने से बाहर नहीं जाएंगे। एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी, सीओ जोगेंद्र लाल, तहसीलदार सतीश कुशवाह भी थाने पहुंचे।
किसानों ने एसपी देहात, सीओ को बंधक बनाकर धरने पर बैठा लिया। सूचना मिलने पर एसडीएम प्रियंका निरंजन भी थाने में पहुंचीं। एसडीएम व एसपी देहात ने धरने पर मुकदमे वापस लेने की घोषणा की। करीब तीन बजे किसानों ने थाने से धरना समाप्त किया।
मौके पर राज सिंह त्यागी, चंद्र प्रधान, रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, रालोद नेता संजय राठी, विकास बालियान, बिट्टू ठाकुर, संजीव राठी, संदीप, अर्जुन पहलवान, इंद्र भगत, हनीफ, गौतम, कासिम, इमरान, टीटू, ओमसिंह, प्रवेश गर्ग, अमित, सलोनी आदि सैकड़ों किसान शामिल रहे।
किसानों ने हिस्ट्रीशीट का बोर्ड तोड़ा
किसानों ने थाने में हिस्ट्रीशीट के बोर्ड पर चंद्रपाल फौजी का नाम लिखा देख लिया। नाम देख किसानों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए किसानों ने उस बोर्ड को तोड़कर फेंक दिया। विदित हो कि पुलिस ने किसानों के आंदोलन में दर्ज मुकदमों की वजह से चंद्रपाल फौजी की हिस्ट्रीशीट खोल दी थी।
थाने में खाने की भट्ठी चढ़ी
आंदोलन को लंबा रूप देने के लिए चंद्रपाल फौजी ने थाने में किसानों के खाने के लिए भट्ठी भी चढ़वा दी थी। थाने में ही दोपहर का भोजन बना। किसानों ने भोजन को धरने पर बैठकर खाया।
हाईवे पर जाम लगा
भारी तादाद में किसान ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस के रूप में थाने में पहुंचे। किसानों की भीड़ से नेशनल हाईवे पर जाम लग गया था। किसानों के थाने में पहुंचने पर ही आधा घंटे बाद जाम खुल सका। जाम लगने से लोगों को भारी परेशानी भी उठानी पड़ी।