किसानों के उत्पीड़न के विरोध में भाकियू ने भरी हुंकार
तितावी (मुजफ्फरनगर)। थाना क्षेत्र के गांव लालूखेड़ी बिजलीघर पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शुगर मिलों व विद्युत निगम द्वारा किए जा रहे किसानों के उत्पीड़न के विरोध में हुंकार भरी। पंचायत में पहुंचे अधिकारियों से वार्ता के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया। सात नवंबर को लालूखेड़ी में ही जिले भर के किसानों की पंचायत का एलान किया गया है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान के नेतृत्व में लालूखेड़ी बिजलीघर पर आयोजित में किसानों ने मिल अधिकारियों और विद्युत निगम पर निशाना साधा। घंटों चली पंचायत में किसानों की मांग पर एसडीएम सदर विजय कुमार, मिल अधिकारी वह विद्युत निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने उक्त अधिकारियों को छह सूत्री मांगों से अवगत कराते हुए कहा कि गृह बिजलीघर पर लगे संविदाकर्मी दूसरे बिजलीघरों पर तैनात किए जाएं। उन्होंने कहा कि गृह बिजलीघर पर तैनात संविदा कर्मी अपनी मनमर्जी के चलते कार्य सही प्रकार से अंजाम नहीं दे रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि विद्युत बकायेदारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, जिनकी जांच कराकर इन मुकदमों को हटाया जाए। कहा कि लालूखेड़ी बिजलीघर पर तैनात एसएसओ को वादी बनाकर किसान नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाए गए हैं, जिन्हें तुरंत वापस लिया जाए। बिजली दर बढ़ने से किसान बेहाल हैं। वे पहले से ही मिलों द्वारा समय से गन्ना भुगतान न होने से परेशान चल रहे हैं। अब बढ़ी दरों ने किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब कर दी है। बढ़ी विद्युत दरों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मीटर व्यवस्था पूरी तरह से बंद है, जो मीटर लगे हैं वह सही नहीं चल रहे। उनकी रीडिंग बंद है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जनपद की सभी शुगर मिलों को सात नवंबर तक चलने की घोषणा की गई थी, लेकिन मिलों के चलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। एसडीएम सदर, मिल अधिकारियों व विद्युत निगम के अफसरों के साथ करीब आधा घंटे चली वार्ता में उक्त समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद भाकियू जिलाध्यक्ष ने पंचायत को अनिश्चितकाल के धरने में तब्दील करने का एलान कर दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं जा जाता व धरना जारी रखेंगे। सात नवंबर को पंचायत की अध्यक्षता सुखपाल सिंह ने की। इस दौरान मुख्य रूप से सतेंद्र पुंडीर, विपुल निर्वाल, शाहिद आलम, मांगेराम त्यागी, ठाकुर कुशलवीर सिंह, विकास सैनी, राजेंद्र सैनी, शारिक त्यागी, भगत सिंह, प्रवीण गोलियान, राहुल, चौधरी शक्ति सिंह, जितेंद्र, वाहिद प्रधान, अमरनाथ शर्मा, माजिद राणा, आबिद चौधरी, बबलू प्रधान, सुनील, सचिन, अरविंद सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।