थानाभवन मिल से किनारा करना चाहते हैं किसान
चरथावल/रोहाना। शुगर मिलों की ओर से पेराई सत्र नया पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी चल है। गांवों में मिलों के क्रय लगाने का कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान में फिसड्डी मिल को आपूर्ति करने से बच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भाकियू के तहसील अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में रोनी हरजीपुर के किसानों ने बजाज मिल थानाभवन से हटकर देवबंद पर सट्टा आवंटन की मांग जिला गन्ना अधिकारी डा. आरडी द्विवेदी से की है।
रोहाना गन्ना विकास समिति के 85 गांवों में 41 गांवों में देवबंद, तितावी और बजाज मिलों के अलग-अलग केंद्रों पर संचालित है। रोहाना मिल में गांवों में सिर्फ दो क्रय केंद्र हैं, जबकि 33 गांवों केे किसान गेट पर आपूर्ति कर रहे हैं। शामली जिले के थानाभवन में संचालित बजाज फैक्टरी संचालित है। शामली जिले से सटे चरथावल क्षेत्र के गांव बलवाखेड़ी, बिरालसी, दूधली, रोनी हरजीपुर और अलीपुरा आदि में बजाज मिल के क्रय केंद्र चले आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि बजाज मिल द्वारा पिछले पेराई सत्र का मात्र 10 फरवरी तक भुगतान खातों में भेजा गया है। नदी पार इलाके की बेल्ट में तीनों मिलों के केंद्रों पर गन्ना आपूर्ति होती है।
समिति सचिव शशिप्रकाश सिंह ने बताया पिछले वर्ष के पेराई सत्र में देवबंद मिल ने 27 अप्रैल, रोहाना ने 30 अप्रैल, खाईखेड़ी ने 15 अप्रैल और तितावी ने पांच मई तक भुगतान खातों में भेजवा दिया है। इस तरह भुगतान में तितावी अव्वल और थानाभवन बजाज प़िछड़ रही है। बलवाखेड़ी के किसान गोपी चंद, सुनिल सिंह, दूधली के प्रधान के पति रविंद्र सिंह, बिरालसी से किसान स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष अमरीश राणा ने बताया कि बजाज मिल किसानों का शोषण कर रही है। पिछले कई सालों से समय से भुगतान नहीं करने के कारण किसान उस मिल से हटकर देवबंद और तितावी मिलों की तरफ रुख करने को मजबूर होना पड़ रहा है। रोनी हरजीपुर के किसानों ने भाकियू नेता विकास शर्मा के साथ 35 किसानों ने डीसीओ कार्यालय में गन्ना उठान की माकूल व्यवस्था नहीं होने के कारण बजाज मिल से हटाकर देवबंद में आपूर्ति करने की मांग की।
कोल्हुओं पर आपूर्ति कर रहे किसान
करीब 20-25 दिन बाद मिलों पर आपूर्ति शुरू हो पाएगी। रोहाना समिति में रोहाना मिल के दो, देवबंद मिल के 34, तितावी मिल के 20, खाईखेड़ी के 14 और थानाभवन के पांच केंद्र संचालित है। नदी पार के कई गांवों के किसान बजाज मिल के गेट पर गन्ना आपूर्ति करते हैं। सचिव ने बताया कि पिछले पेराई सत्र में समिति क्षेत्र की मिलों को किसानों ने 104 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति किया। चरथावल ब्लॉक मेें इस बार 82 कोल्हू लग गए हैं। पिछले वर्ष मात्र 40 कोल्हू चल रहे थे। कोविड में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के श्रमिकों ने अपने क्षेत्र में कोल्हू लगाकर पेराई शुरू कर दी। कोल्हुओं पर 250 से 260 रूपये क्विंटल तक गन्ना खरीद किया जा रहा है। जरूरतमंद किसान कोल्हुओं में गन्ना बेच रहे हैं।