बिजली दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने कलक्ट्रेट का घेराव किया। चेतावनी दी कि यदि 15 दिसंबर तक बिजली की दरें कम नहीं हुईं तो हर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन होगा। इसी के साथ हाइवे पर चक्का जाम किया जाएगा। भाकियू ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।
कलक्ट्रेट में धरने पर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने जितने प्रतिशत गन्ने और गेहूं के मूल्य में बढ़ोतरी की है, उतने ही दाम बिजली के बढ़ाते तो कोई विरोध नहीं होता। प्रदेश सरकार ने बिजली के दाम बढ़ाकर किसान की कमर तोड़ने का काम किया है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 15 दिसंबर तक सरकार ने बढ़ा हुआ रेट वापस नहीं लिया तो तहसीलों में प्रदर्शन करने के साथ ही हाईवे जाम किया जाएगा।
टिकैत ने आरोप लगाया कि अफसरों ने भाजपा राज में रिश्वत कई गुणा बढ़ा दी है। आम आदमी का शोषण हो रहा है। सरकार अफसरों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। प्रेशर हॉर्न का प्रयोग बंद करने और हेलमेट का प्रयोग करने के लिए पुलिस व्यवस्था नहीं बना पाती है तो एक जनवरी से भाकियू को यह व्यवस्था देखनी पड़ेगी। उन्होंने अर्ली के साथ गन्ने की सामान्य पर्ची भी जारी करने की मांग की। राकेश टिकैत ने खेतों में बढ़ रहे आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया।
यह भी कहा कि यदि इन्हें धर्मशालाओं ने नहीं भिजवाया गया तो अफसरों के घरों में लाकर भर देंगे। भाजपा, संघ और बजरंग दल के नेताओं के घरों पर भी इन पशुओं को बांधा जाएगा। किसानों की फसलें आवारा पशु उजाड़ रहे हैं। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि बिजली का मीटर लगाकर किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। खनन विभाग द्वारा किसानों को नोटिस भेजना बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन होगा। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डीसीओ को किसानों ने घेरा
मुजफ्फरनगर। डीसीओ ओमप्रकाश यादव ने किसानों के बीच में पहुंचकर घोषणा की कि चीनी मिलें अब अरली के साथ सामान्य की पर्ची भी जारी करेगी। अपना भाषण देकर जैसे ही वह चले कुछ किसानों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। काफी देर तक उनके साथ उलझते रहे। बाद में राकेश टिकैत ने डीसीओ को भीड़ के बीच से निकाला।
डीएम की गाड़ी का रास्ता रोका
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपने वाहनों से रास्ते बंद कर दिए। यही नहीं एक ट्रैक्टर डीएम ऑफिस की वाहन गैलरी में ले जाकर खड़ा कर दिया। इससे डीएम और एडीएम का वाहन भी उनके ऑफिस पर नहीं आ सकता था। हालांकि प्रदर्शन के दौरान डीएम जीएस प्रियदर्शी और एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह मौके पर नहीं थे। अधिकारी तहसील दिवस में भाग लेने के लिए गए हुए थे।