उन्होंने बताया कि वह तीनों तिसंग अड्डे पर बैठकर शराब पी रहे थे। वहीं से फोन कर रामबीर को बुलाया था। शराब पीने के बाद खतौली आकर कुछ खाने पीने की बात हुई। इसी बीच उनकी जमीन को लेकर कहासुनी हो गई।
आरोपियों ने बताया कि रामबीर के पास 20 बीघा जमीन थी, जिसमें से 15 बीघा जमीन बेच चुका था। पांच बीघा जमीन को भी वह बेचना चाहता था। जिसे बेचने के लिए सब मना कर रहे थे। जब वह गांव रसूलपुर कलौरा के जंगल में पहुंचे तो रामबीर की बाइक का तेल खत्म हो गया था। वहीं पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई और वापस बहन के यहां गांव चले गए थे। पुलिस ने दोनों हत्यारों का चालान कर दिया।