छपार (मुजफ्फरनगर)। किसान सेवा सहकारी समिति में कार्यरत आंकिक ने मृतक किसान पर बकाया कर्ज बताकर उसके पुत्र से छह हजार रुपये हड़प लिए। इसका खुलासा तब हुआ जब किसान के बेटे ने आंकिक द्वारा दी गई रसीद की जांच कराई, जो फर्जी निकली। इसके बाद किसानों ने जमकर हंगामा किया। प्रबंध निदेशक के आश्वासन पर किसान शांत हुए।
बसेड़ा स्थित किसान सेवा सहकारी समिति में शुक्रवार को किसान सभापति आजाद के साथ समिति में पहुंचे और प्रबंध निदेशक सोमपाल सिंह को रसीद दिखाई ओर बताया कि भैसरहेड़ी निवासी किसान नजीर की कई वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। आरोप है कि उसके पुत्र इल्तजा के घर आंकिक रमेश चंद्र पहुंचे और बताया कि उसके पिता पर समिति का 16 हजार रुपये बकाया है, जो फिलहाल छह हजार में निपट जाएगा। किसान ने डर से उसे छह हजार रुपये दे दिए, और आंकिक ने इस वसूली की रसीद किसान के पुत्र को दे दी।
किसान ने सभापति आजाद को रसीद दिखाई ओर उसके साथ समिति में पहुंचे। इससे पूर्व पीड़ित किसान ने एक प्रार्थनापत्र जिला सहायक निबंधक व जिलाधिकारी को भी दिया। वहां से जांच प्रबंध निदेशक को दी गई। जांच में रसीद फर्जी पाई गई।
ऐसा ही एक मामला बसेड़ा के किसान मदनपाल का सामने आया, उससे एक हजार दो सौ रुपये लेकर फर्जी रसीद दी गई। जिस पर किसानों ने हंगामा किया। प्रबंध निदेशक ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर किसान शांत हुए। किसानों का कहना है अभी दो ही मामले हैं, आगे और भी पीड़ित किसान आएंगे। इसमें बड़ा घोटाला हो सकता है। इस दौरान शहजाद, नवाब, हारुन संचालक, इरफान, फरमान, इरफान आदि किसान मौजूद रहे।