ईओ ने बिना स्वीकृति खरीद लिए डंपर
मुजफ्फरनगर। विवादों का केंद्र बनी नगर पालिका में अनियमितता का एक नया मामला सामने आया है। अधिशासी अधिकारी ने बिना चेयरपर्सन की स्वीकृति के ही करीब 80.69 लाख रुपये के तीन डंपर खरीद लिए। पालिकाध्यक्ष ने भुगतान करने से इंकार करते हुए साफ कह दिया कि यह ईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
नगर पालिका परिषद को सफाई कार्य के लिए तीन डंपरों की आवश्यकता थी। ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने 22 जून 2019 को पत्रावली तैयार कर स्वीकृति के लिए चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के पास भेजी थी। उन्होंने इस पर टिप्पणी करते हुए आख्या मांगी। इसके बाद दोबारा पत्रावली को चेयरपर्सन के पास नहीं भेजा गया। बिना पालिकाध्यक्ष की स्वीकृति लिए ही ईओ ने जैम पोर्टल पर निविदा अपलोड करते हुए 80.69 लाख रुपये से तीन डंपरों की खरीद कर ली। ईओ ने कंपनी से दस प्रतिशत जमानत राशि भी पालिका कोष में जमा नहीं कराई। नियमानुसार पहले चेयरपर्सन से स्वीकृति ली जाती। उसके बाद दस प्रतिशत धनराशि जमा होती तथा स्टांप शुल्क जमा कराया जाता। एग्रीमेंट के बाद ही वर्क ऑर्डर जारी होकर सप्लाई ली जानी चाहिए। इस प्रक्रिया का ईओ ने पालन नहीं किया। खरीद करने के बाद भुगतान के लिए पत्रावली चेयरपर्सन को भेजी गई तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि खरीद के दौरान उनकी स्वीकृति नहीं ली गई। चेयरपर्सन के अधिकारों का हनन करते हुए खरीद की गई है। इससे लगता है कि की गई खरीद के भुगतान का व्यक्तिगत दायित्व भी ईओ का ही है। उन्होंने ईओ से पूछा है कि क्यों न भुगतान की जिम्मेदारी उनके निजी तौर पर निर्धारित की जाए।
प्रभारी अधिकारी के मौखिक आदेश पर की खरीद
मुजफ्फरनगर। ईओ ने चेयरपर्सन की बिना स्वीकृति के डंपर खरीदने की वजह प्रभारी अधिकारी नगर निकाय के मौखिक आदेश को बताया है। उन्होंने चेयरपर्सन को लिखे पत्र में कहा कि चेयरपर्सन ने पत्रावली पर आख्या मांगी थी। उसी दौरान कार्य की महत्ता को देखते हुए प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय ने उन्हें तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को मौखिक रूप से डंपरों की आपूर्ति के लिए कार्यदेश जारी करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के क्रम में उन्होंने तत्काल कार्यदेश जारी किया।
इन्होंने कहा...
ईओ ने मेरी बिना स्वीकृति के डंपरों की खरीद की है। इसलिए भुगतान की भी उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी बनती है।
- अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन, नगर पालिका।
डंपरों की कमी के चलते सफाई कार्य प्रभावित हो रहा था। इसलिए तत्काल खरीद जरूरी थी। शहरवासियों को परेशानी न हो इसे देखते हुए तत्काल डंफरों की खरीद के लिए कार्यदेश जारी किया।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।