खंड विकास कार्यालय परिसर में मनरेगा कर्मियों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रोजगार सेवक
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देवबंद (सहारनपुर)। मनरेगा कर्मियों के शोषण और अल्प मानदेय के विरोध समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार से रोजगार सेवकों ने हड़ताल रखी। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन रोजगार सेवकों ने ऑल इंडिया मनरेगा इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर खंड विकास कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया।
हड़ताल दौरान रोजगार सेवकों ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी दुष्यंत कुमार को सौंपा गया। जिसमें रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम राणा ने कहा कि कोविड-19 में मनरेगा कर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए निरंतर मनरेगा कार्यों को कार्यान्वित किया। इस दौरान कई कर्मचारी कोरोना की चपेट में भी आ गए। बावजूद इसके मनरेगा कर्मियों को उनकी वाजिब मांगे पूरी करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है जो कि शर्मनाक है। इसलिए महासंघ के आह्वान पर मनरेगा कर्मियों के समर्थन में दो दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया गया। ज्ञापन में वर्षों से संविदा पर काम कर रहे मनरेगा कर्मियों को सरकारी सेवक घोषित करने, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी परिषद में महासंघ के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में मनोनीत करने और मनरेगा मजदूरी को महंगाई के अनुसार संशोधित करने की मांग शामिल रही। धरना प्रदर्शन में सोमपाल, संदीप, संजय, तमकीन, चंद्रपाल, प्रवेंद्र कुमार, धीरज, अहसान अली, विपिन, पुष्पेंद्र कुमार, राजीव कुमार आदि रहे।