- आरोपी एक एसआई सेवानिवृत्त हो चुका, हेड मोहर्रिर की हो चुकी मौत
- एसएसपी के आदेश पर वर्तमान कोतवाली प्रभारी ने कराया मुकदमा दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ। कोतवाली जानसठ में माल मुकदमाती एवं सरकारी संपत्ति के गबन का पूर्व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सहित तीन एसआई और एक हैड मोहर्रिर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। नामजद आरोपियों में एक एसआई सेवानिवृत्त हो चुका है, जबकि हेड मोहर्रिर की मृत्यु हो चुकी है। एसएसपी के आदेश पर जांच के उपरांत मौजूदा कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने पांचों आरोपियों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि एसएसपी संजीव सुमन के आदेश पर कम पाए गए माल मुकदमाती एवं कम चल रही सरकारी संपत्ति के संबंध में नियमानुसार उचित धाराओं में पूर्व निरीक्षक सूरज प्रसाद, एसआई राजकुमार, एसआई जगदीश प्रसाद, एसआई नरेंद्र सिंह, हेड मोहर्रिर सुरेश चंद के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने का आदेश प्राप्त हुआ था। जिसका अवलोकन किया गया तो पाया गया कि हैड मोहर्रिर की मृत्यु हो चुकी है। जांच में पाया गया कि 1895 माल मुकदमाती एवं 717 माल सरकारी संपत्ति में से एसआई राजकुमार को 1504 माल मुकदमाती तथा 611 माल सरकारी वस्तुएं चार्ज में दी गई है। जिनमें 391 माल मुकदमाती, 104 सरकारी संपत्ति कम चार्ज में दी गईं हैं।
इस तरह से पूर्व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सूरज प्रसाद व एसआई राजकुमार व सेवानिवृत्त जगदीश प्रसाद, एसआई नरेंद्र सिंह व हेड मोहर्रिर सुरेश चंद्र ने सरकारी संपत्ति का गबन किया है। इन सबके विरुद्ध धारा 409 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। नामजद आरोपियों में पूर्व इंस्पेक्टर सूरज प्रसाद आगरा, एसआई नरेंद्र सिंह की एटा में तैनाती है। एसआई जगदीश प्रसाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि हैड मोहर्रिर सुरेश चंद की मृत्यु हो चुका है। राजकुमार, एसआई, मेरठ में तैनात हैं।
कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि एसएसपी के आदेश पांचों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरु कर दी गई है।
- एसपी अपराध ने की थी जांच
सीओ जानसठ शकील अहमद ने बताया कि जब माल के गबन का मामला सामने आया तो एसएसपी के आदेश पर एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसडीएम व सीओ जानसठ की कमेटी बनाई थी। एसपी क्राइम ने पूरे मामले की जांच की और बाद में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को दी थी। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज किया गया। गबन किया माल वर्ष 1998 से 2019 के बीच वर्षों का है।