मुजफ्फरनगर। अदालत ने जानलेवा हमला करने के मामले में तिसंग गांव के एक ही परिवार के आठ दोषियों को सात वर्ष के कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश/ त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी ज्योत्सना सिवाच ने फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना 21 सितंबर वर्ष 2014 को जानसठ थाना क्षेत्र के गांव तिसंग घटित हुई। वादी मदन ने पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला करने की घटना में हमलावरों के विरुद्ध अदालत के आदेश पर मुकदमा कायम कराया था।
दरअसल, वादी ने दोषियों के खिलाफ ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा करने की शिकायत प्रशासन से की थी। इसी रंजिश में खेत पर काम करने गए उनके पिता बिशम्बर और पुत्र शंकर पर लाठी-डंडो और तमंचों से जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। वादी पर भी गोली चलाकर जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन वह बच गया।
मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। पीठासीन अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने बाद मोनू, सोनू, चंदा, मंगलदास, सत्तरपाल, किरण, सहेंद्र और योगेश को दोष सिद्ध करार दिया। सभी को सात साल की सजा सुनाई। विभिन्न धाराओं में पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इसमें से 50 प्रतिशत धनराशि घटना के चुटैल को अदा करने का आदेश पारित किया।