मुजफ्फरनगर। ठंड बढ़ने के साथ ही शीतलहर चल रही है। दिन और रात का तापमान लगातार नीचे जा रहा है। बढ़ती ठंड के कारण लोगों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। इस कारण बच्चों सहित बुजुर्गों को बुखार सहित खांसी और नजला भी जकड़ रहा है। जिला अस्पताल ओपीडी में ऐसे 150 से अधिक मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
ठंड मौसम लोगों को मुश्किल में डाल रहा है। दिन का अधिकतम तापमान भी काफी नीचे जा रहा है। जबकि रात में पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। ठंड के चलते बुखार के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि भर्ती मरीजों की संख्या कम है, लेकिन ओपीडी में उपचार के लिए आने वालों की संख्या में कमी नहीं हो रही।
सुबह का तापमान काफी गिरने के कारण बच्चों में निमोनिया और कोल्ड डायरिया का खतरा पैदा हो रहा है। दूसरी ओर सांस और अस्थमा रोगियों के लिए भी ठंड भारी पड़ रही है। सीएमएस डॉ.संजय वर्मा का कहना है कि ठंड के चलते बुजुर्ग भी काफी बीमार हो रहे हैं। गिरते तापमान में सांस और अस्थमा रोगियों की मुश्किल बढ़ जाती है।
बच्चों का रखें खास ख्याल, ठंड से बचाएं
जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.गरिमा जैन का कहना है कि ठंड का मौसम छोटे बच्चों के लिए मुश्किल लेकर आता है। तापमान गिरने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। जिस कारण ठंड और हवा लगने से बच्चों को नजला, खांसी और बुखार जकड़ लेता है। लापरवाही पर छोटे बच्चों की पसली चलने लगती है और निमोनिया की आशंका पैदा हो जाती है। उन्होंने कहा कि खासकर नवजात और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह और शाम ठंडी हवा, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं।