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ई-नाम का भवन तैयार, सुविधा शुरू नहीं, ठहराए गए हैं अर्द्घसैनिक बल

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ई-नाम का भवन तैयार, सुविधा नहीं
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मुजफ्फरनगर। नवीन मंडी स्थल पर इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) का कार्यालय तैयार कराया गया है। लेकिन यहां पर अभी काम शुरू नहीं हुआ। किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में ईवीएम की सुरक्षा के लिए पहुंचे अर्द्धसैनिक बलों के ठहरने की यहां व्यवस्था की गई है।
दो माह पहले निर्माण कंपनी ने ई-नाम की बिल्डिंग मंडी समिति को सौंप दी थी। व्यापारियों और किसानों को उम्मीद थी कि यहां व्यापार होगा। व्यापार तो शुरू हुआ नहीं जिला प्रशासन ने इस बिल्डिंग को चुनाव में दौरान ठहरने के लिए अर्द्धसैनिक बलों को दे दिया है। यहां अभी तक कोई सुविधा भी नहीं है।
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गौरतलब है कि कृषि मंत्रालय ने जनपद के किसानों को देशभर के व्यापारियों से जोड़ने के लिए नवीन मंडी स्थल पर ई-नाम का ऑफिस बनाया है। भवन के निर्माण का कार्य यहां पूरा हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट यहां के किसानों के लिए लाभकारी हो सकता है। किसान किसी भी शहर में यहां से अपना उत्पाद बेच सकेगा। किसान का माल मंडी में प्लेटफार्म पर रखा जाएगा। यहां से यह ऑनलाइन चढे़गा। माल की मैप ग्रेडिंग भी होगी। ई-नाम के शुरू हो जाने से जनपद के किसानों के लिए पूरे देश का बाजार खुल जाएगा।
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एक करोड़ चालीस लाख रुपये में हुआ निर्माण
मुजफ्फरनगर। इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट के लिए केंद्र सरकार ने एक करोड़ चालीस लाख का बजट जारी किया है। निर्माण प्रभारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि इस पैसे से जहां ई-नाम का ऑफिस बनकर तैयार हुआ है, वहीं, नवीन मंडी के 21 ढाबों का जीर्णोद्धार किया गया है। सामान लाने वाले ड्राइवरों के ठहरने के लिए अलग से एक रूम बनाया गया है। उधर, मंडी समिति के प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों से समन्वय कर जल्द सुविधा शुरू कराई जाएगी।
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