आसमान में दूसरे दिन भी धूल की गुबार छाए रहने के कारण लोगों को काफी दुश्वारियां हुई। गर्मी में वायुमंडल में धूल ही धूल होने से आम जनमानस बेहाल नजर आया। जनता का सड़क पर वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया। दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा मुश्किलें आई। लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों में मिट्टी की धूल भर गई।
बृहस्पतिवार को गर्मी का पारा 38.3 डिग्री सेल्सियस रहा। उमस के कारण आदमी पसीना-पसीना नजर आया। दूसरे दिन भी आकाश में धूल की छाई रही। दुपहिया वाहन चालकों के लिए सांस लेना भी मुश्किल रहा। सड़कों पर धूल का प्रभाव साफ दिखाई दिया। वाहनों के आवागमन में दिक्कते आई।
सुरक्षा के लिए नागरिकों को चश्मे और चादरों से चेहरे ढकने पड़े। वायुमंडल में धूल की वजह से नागरिकों को सांस लेने में परेशानी रही। गर्मी में धूल का असर लोगों के शरीर पर भी नजर आया। दोपहर में गर्म हवाएं चली।
गर्मी और लू के बीच धूल के प्रकोप से जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। मेरठ रोड स्थित नुमाईश प्रदर्शनी क्षेत्र में भी धूल के कारण दुकानदार भी परेशान रहे। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में मुश्किलें आई।
धूल भरे वातावरण में सांसें फूली
बुढ़ाना। कस्बा व देहात क्षेत्र में बुधवार से वातावरण में धूल भरी हुई है। धूल के कारण प्रदूषित हुए वातावरण से 70 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। सांस व दमे के रोगी धूल भरे वातावरण से अधिक परेशान हैं। छोटे बच्चों पर भी धूल का विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर कुशवाह कहा ने कहा कि इस धूल का जनमानस की आंखों पर भी विपरीत प्रभाव पडे़गा। इस धूल से आंखों में विशेष प्रकार की बीमारी लगने का खतरा पैदा हो गया है।
धूल भरे वातावरण व ऊपर से बिजली की अघोषित कटौती के कारण भी लोग परेशान रहे। कस्बा व देहात क्षेत्र में पिछले 15 दिन से अघोषित बिजली की कटौती ने भी रुलाकर रख दिया है। धूूल भरे वातावरण व भीषण गर्मी के कारण कस्बा व देहात का जनजीवन आज दूसरे दिन भी अस्त व्यस्त रहा।