कोरोना के चलते सीमित जज करेंगे सुनवाई
मुजफ्फरनगर। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण जिला जज राजीव शर्मा ने अग्रिम आदेश तक सीमित संख्या में जजों द्वारा जरूरी प्रकरणों की सुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है। इस आदेश से अदालतों के सामान्य कामकाज पर बंदिश लग गई है। जिला जज सहित 10 जजों ने जमानतों और जरूरी मामलों की सुनवाई शुरू कर दी है।
उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद जिला सत्र एवं न्यायाधीश राजीव शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। जिसमें जनपद न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), विशेष न्यायालय (पोक्सो एक्ट), विशेष न्यायालय (ईसी एक्ट), विशेष न्यायालय गैंगेस्टर एक्ट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज (सीनियर डिवीजन), सिविल जज (जूनियर डिवीजन) आवश्यक मुकदमों की सुनवाई करेंगे। पीठासीन अधिकारी द्वारा नामित न्यूनतम 50 फीसदी स्टाफ ही अदालतों में कार्य करेगा और कार्य समाप्ति के बाद अनावश्यक रूप से न्यायालय परिसर में नहीं रुकेंगे।
इस दौरान लंबित और नई जमानत प्रार्थना पत्रों, लंबित और नई अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, जरूरी क्रिमनल एप्लीकेशन, जरूरी सिविल मामले और जिन मामलों में शीघ्र निस्तारण का आदेश है, उन्हीं मामलों की सुनवाई करने का आदेश दिया गया है। जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरुण शर्मा और जनपद ई-कोर्ट्स के मास्टर ट्रेनर दिनेश सिंह पुंडीर ने जनपद न्यायाधीश द्वारा जारी आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया जिला जज ने हाईकोर्ट द्वारा कोरोना काल में जारी गाइड लाइन का पालन कराने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया है।