शीतलहर के बीच स्कूल जाते छात्र-छात्राएं।
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करीब एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश के बाद ठंड फिर लौट आई है। कई दिनों से शीतलहर से लोग कांप रहे हैं। बुधवार को तो कड़ाके की ठंड के कारण लोग कांपते रहे। बादल छा जाने से मौसम का मिजाज और सर्द हो गया। जल्द ही बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। बुधवार को सुबह धूप खिली थी, लेकिन तेज हवा लोगों को कांपने के लिए मजबूर कर रही थी। करीब 11 बजे बादल छा गए। इससे ठंड में और ज्यादा इजाफा हो गया।
शाम तक बादल छाए रहने के कारण बारिश जैसा मौसम बना रहा। न्यूनतम तापमान 5.8 तथा अधिकतम 19.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान में गिरावट आने के कारण दिन में भी ठंडक बढ़ रही है। बुधवार शाम को ठंड और ज्यादा बढ़ गई। ठिठुरन के साथ हाथ-पैरों में गलन जैसी स्थिति रही। मौसम वैधशाला के प्रेक्षक पान सिंह का कहना है कि जल्द ही बारिश हो सकती है।
शाम होते ही बाजार में पसरा सन्नाटा
कड़ाके की ठंड के कारण शाम होते ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। आठ बजे से ही दुकानदार अपने प्रतिष्ठान बंद कर घरों को जाने लगे। सड़कों की भीड़ नदारद हो गई।
बढ़ी ठंड में बच्चों और बुुजुर्गों का रखें ख्याल
ठंड बच्चों और बुजुर्गों को बहुत जल्दी चपेट में लेती है। इसलिए उनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके अग्रवाल का कहना है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। थोड़ी-थोड़ी देर में गर्म पानी पिलाते रहें। ठंड से बचने के लिए कमरे में कोयले की अंगीठी आदि न जलाएं। यदि रूम हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे थोड़ी देर चलाकर बंद कर दें। पूरी तरह बंद कमरे में रूम हीटर न चलाएं।