मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए प्लास्टिक एवं पॉलीथिन का कम से कम प्रयोग करें। अपने व्यवहार में बदलाव करते हुए घर से निकलने वाले कचरे को इधर उधर न फेंककर उससे कंपोस्ट बनाएं। घर के अंदर दो डस्टबिन रखें और एक डस्टबिन में गीला और दूसरे में सूखा कचरा डाले।
टाउन हाल सभागार में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा प्रबंधन जागरूकता गोष्ठी में डीएम ने कहा कि घर से निकलने वाला 60 प्रतिशत कचरा किचन का होता है, इसे हम अलग डस्टबिन में एकत्र करें। दूसरा कागज एवं अन्य कचरा जो रिसाइकिल हो सकता है उसे दूसरे डस्टबिन में एकत्रित करें। घर के अंदर कम्पोस्ट बनाने के लिए तीन घड़ों की आवश्यकता होती है। उन्होंने इसका प्रजेंटेशन भी दिखवाया कि किस प्रकार घर के अंदर ही कम्पोस्ट खाद तैयार कर इसका इस्तेमाल घर के अंदर गमलों में किया जा सकता है।
बडे़ गमलों में कम्पोस्ट खाद की मदद से आर्गेनिक सब्जी उगाकर अपने स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चालू कराया गया है, जिससे शहर का गंदा पानी नदी में न गिरे। इसके बाद स्वच्छता बनाए रखने के बारे जनसमुदाय से अपेक्षा की।
गांव की स्वच्छता न केवल सफाई कर्मी पूर्ण कर सकेगे बल्कि सभी ग्रामवासियों का दायित्व है कि अपने घर और अपने आसपास स्वच्छता बनाये रखें। नगर पालिका चेयरमैन अंजू, ईओ विकास सैन, विज्ञान क्लब के समन्वयक विकास शर्मा, सभासद और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किसानों से खरीदा 34.84 करोड़ का गेहूं
मुजफ्फरनगर। जिले में इस बार गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। गेहूं खरीद का 34.84 करोड़ का भुगतान अब तक किसानों हो चुका है। डीएम ने कहा कि गेहूं क्रय के दौरान किसानों के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। कृषकों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था रखी जाये। इलेक्ट्रानिक कांटे सही हालत में होने चाहिए।
डीएम राजीव शर्मा ने कलक्ट्रेट सभागार में गेहूं खरीद की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जनपद में विभिन्न एजेंसियों के 48 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा जा रहा है। क्रय केंद्रों को 23500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अभी तक जिले में 19968 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। लक्ष्य का 84 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। डीएम ने बताया कि किसानों को गेहूं का 34 करोड़ 84 लाख 42 हजार उनके खातों में दिया जा चुका है। भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से हो रहा है। एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र, जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रिंस चौधरी आदि रहे।
सिंथेटिक दूध, नकली मावे की बिक्री न होने दें
मुजफ्फरगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि जिले में सिंथेटिक दूध और मावे की बिक्री नहीं होनी चाहिए। मिलावटखोरों के खिलाफ विभाग अभियान चलाए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षक प्रतिदिन अधिक से अधिक निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। कलक्ट्रेट में हुई औषधि प्रशासन की बैठक में डीएम ने कहा कि विभागीय अधिकारी इस बात का ध्यान रखे कि जनता को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले।
मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलना चाहिए। निरीक्षणों की संख्या, छापों की संख्या और नोटिसों की संख्या तथा संग्रहित नमूनों की संख्या तथा दायरवादों की संख्या तथा एओ कोर्ट में निर्णित वादों की संख्या का भी सेक्सन वाइज रिकॉर्ड उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। नकली मावे और सिंथेटिक दूध आदि की बिक्री किसी कीमत पर नही होनी चाहिए। बैठक में एडीएम प्रशासन हरीश चन्द्र, नगर मजिस्ट्रेट अमित सिंह, मुख्य खादय सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं खादय निरीक्षक रहे। ब्यूरो