निराना गांव में पीड़ितों से वार्ता करते डीएम और एसएसपी।
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निराना गांव के चर्चित पलायन प्रकरण में मंगलवार को डीएम-एसएसपी ने टीम के साथ गांव में पहुंचकर न केवल पीड़ितों से वार्ता कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया, बल्कि पुलिस को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर जेल भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ितों के घर पर लिखे गए ‘यह मकान बिकाऊ है’ को अपने सामने ही पुतवाकर साफ भी कराया।
सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव निराना के चर्चित पलायन प्रकरण में मंगलवार को डीएम राजीव शर्मा, एसएसपी अनंतदेव तिवारी और एसपी सिटी ओमबीर सिंह पुलिस टीम के साथ गांव में पहुंचेे। अफसरों ने इस दौरान पीड़ित पक्ष के साथ ही पलायन का ऐलान करने वाले सभी आठ परिवारों से वार्ता करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान पीड़ित पक्ष ने थाना पुलिस पर लापरवाही के साथ ही आरोपियों के पक्ष में फैसले का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद अफसरों ने पीड़ित पक्ष द्वारा अपने घरों पर लिखे गए ‘यह मकान बिकाऊ है’ को भी पुतवाकर अपने सामने ही साफ कराया।
अफसरों ने ग्राम प्रधान इश्तकार को गांव के असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ ही भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होने देने की भी चेतावनी दी। हालांकि ग्राम प्रधान ने प्रकरण को चुनावी स्टंट करार देते हुए इसके पीछे जिले के एक कद्दावर भाजपा नेता और उनके भाई को जिम्मेदार ठहराया।
इसलिए किया पलायन का ऐलान
मुजफ्फरनगर। गांव निराना निवासी अजय पाल व उसके चचेरे भाई विवेक पर 29 जून की रात गांव के ही दूसरे समुदाय के कुछ दबंगों ने घर में घुसकर हमला कर दिया था। घटना की एफआईआर दर्ज होने के बावजूद थाना पुलिस कार्रवाई में हीलाहवाली करते हुए अगले दस दिन तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई।
उधर, थाने का एसआई महेश कुमार आरोपियों के परिजनों को अपनी बाइक पर बैठाकर गांव में घूमते हुए उल्टे पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव बनाता रहा। इसे लेकर पीड़ित पक्ष के साथ ही आठ परिवारों ने अपने घरों की दीवारों पर‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखकर पलायन का ऐलान कर दिया था।