मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन का दूसरे दिन भी डीएम ऑफिस पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। किसानों ने ऑफिस प्रांगण में तंबू गाड़ दिए और चूल्हा जला दिया है।
चेतावनी दी है कि किसानों का भुगतान नहीं हुआ तो चीनी मिलों से चीनी और शीरे के ट्रकों को नहीं निकलने दिया जाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने प्रशासन पर मिल मालिकों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कहा कि तितावी चीनी मिल पर किसानों का बीते वर्ष का 143 करोड़ बकाया है। 35 करोड़ प्रतिमाह भुगतान का प्रस्ताव कतई मंजूर नहीं है।
गन्ना एक्ट के अनुसार किसानों के गन्ने का 75 प्रतिशत भुगतान साथ के साथ होना चाहिए। दो माह मिल चले हो गए चीनी मिलों ने अभी तक भुगतान शुरू नहीं किया है। किसान अब चुप नहीं बैठेगा। चीनी मिलों से चीनी और शीरे के ट्रक किसान नहीं निकलने देंगे।
डीएम राजस्व की बैठक में कहते हैं कि किसानों से हर हाल में बकाया वसूली की जाए। जब तक किसानों का भुगतान नहीं हो जाता जो तहसीलदार वसूली करने आएगा किसान उसे जवाब देंगे।
वहीं, धरना स्थल पर दूसरे दिन किसानों ने तंबू गाड़ लिए। किसानों ने भोजन बनाने के लिए चूल्हा भी शुरू कर दिया। किसानों को विकास शर्मा, सोहनवीरी, कपिल सोम, धर्मेंद्र मलिक, सतीश रायल, अनुज बालियान, सतेंद्र प्रधान, कमल शर्मा, अशोक घटायन, धर्मपाल आदि ने विचार रखे।
कलक्ट्रेट में डीएम ऑफिस प्रांगण में रविवार को भाकियू का झंडा लहराता रहा। भाकियू ने जहां शनिवार को एक झोपड़ी बनाई थी, वहीं रविवार को तंबू गाड़ दिए। धरने में काफी किसान अनिश्चितकालीन धरने में भाग ले रहे हैं।