पहलवान दिव्या काकरान ने पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदकों की झड़ी लगा दी है। महिला कुश्ती के अखाड़े में जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखने वाली पुरबालियान गांव की बेटी दिव्या से फिर पदक की उम्मीद है।
मुजफ्फरनगर अर्जुन अवार्डी पहलवान दिव्या काकरान मंगलवार को बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल होने के लिए रवाना होंगी। चार साल पहले कांस्य पदक जीत चुकी दिव्या से इस बार स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
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महिला कुश्ती के अखाड़े में जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखने वाली पुरबालियान गांव की बेटी दिव्या से फिर पदक की उम्मीद है। मंगलवार को कुश्ती टीम के साथ सुबह नौ बजे काकरान बर्मिंघम के लिए रवाना हो जाएगी।
पिता सूरज पहलवान का कहना है कि दिव्या ने चार साल पहले गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था, इस बार पहले से बेहतर तैयारी है। उम्मीद है कि बेटी पहले से अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतेगी। भाई दीपक काकरान कहते हैं कि दिव्या ने प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत की है, पदक की पूरी उम्मीद है।
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दिव्या ने लगाई पदकों की झड़ी
पहलवान दिव्या काकरान ने पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदकों की झड़ी लगा दी है। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण, वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीत चुकी है। कामयाबी के चलते उन्हें अर्जुन और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड मिला।
तैयारी बेहतर, बढ़िया की उम्मीद : दिव्या
पहलवान दिव्या काकरान ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों की बढ़िया तैयारी हुई है। हर खिलाड़ी की तरह अच्छे से अच्छा प्रदर्शन कर देश को पदक दिलाने का सपना है। पदक के लिए पूरी ताकत लगा दी जाएगी।