जिले में टीबी के 80 नए रोगी चिह्नित
मुजफ्फरनगर। जनपद में चल रहे टीबी रोगियों की खोज (एसीएफ) के अभियान में दस दिन में 80 नए रोगी सामने आ गए हैं। इन सभी का उपचार शुरू करा दिया गया है। आगरा की टीम ने भी जिले में आकर अभियान में लगी टीमों के साथ गांवों का दौरा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के तहत नए टीबी रोगियों की पहचान के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। जनपद में 11 अक्तूबर से टीबी रोगियों को खोजने के लिए अभियान की शुरुआत की गई थी, जो 23 अक्तूबर तक चलेगा। इस अभियान में लगी टीमें रोजाना विभिन्न गांवों में घूमकर संदिग्ध रोगियों की तलाश कर रही हैं। स्कूलों में जाकर बच्चों से भी पूछा जा रहा है कि उनके परिवार में किसी को लंबे समय से खांसी या बुखार तो नहीं है। यदि पता लगता है तो बच्चों के घर जाकर संबंधित व्यक्ति के बलगम की जांच की जाती है। अभियान के दस दिनों में 80 नए रोगी मिल चुके हैं। इन सभी का उपचार शुरू करा दिया गया है। इस अभियान के दौरान आगरा की टीम ने भी जिले में पहुंचकर गांवों का दौरा किया था।
4500 टीबी रोगियों का चल रहा उपचार
क्षय रोग विभाग में वर्तमान में 4500 मरीजों का पंजीकरण हैं। इनका डाट्स पद्धति से उपचार किया जा रहा है। इनमें 241 टीबी रोगी 18 वर्ष से कम आयु के हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेश गुप्ता ने बताया कि टीबी का उपचार करा रहे मरीजों को 500 रुपये प्रतिमाह की दर से आहार भत्ता दिया जाता है। यह राशि सीधे मरीजों के बैंक खाते में भेजी जाती है।