राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मिशन शक्ति कार्यक्रम में विचार रखती छात्राएं
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स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाली महिलाओं के जीवन पर की चर्चा
देवबंद (सहारनपुर)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मिशन शक्ति एवं आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं के योगदान के मूल्यांकन विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाली महान महिलाओं के जीवन पर चर्चा की गई।
प्रो. समता तोमर ने कहा कि महिलाओं ने देश के स्वतंत्रता समर की प्रत्येक रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। असंख्य महिलाओं के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण ही आजादी का यह महान आंदोलन सक्रिय बन सका। एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा कामिनी ने कहा कि विजय लक्ष्मी पंडित को सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लेने के कारण जेल में बंद किया गया। वह भारतीय राजनीतिक इतिहास में पहली मंत्री रही। बीकॉम की छात्रा तनु ने सुचेता कृपालनी की भूमिका पर प्रकाश डाला। छात्रा फरहाना ने डा. लक्ष्मी सहगल सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फरजाना ने अरुणा आसफ अली के बारे में बताया। सलोनी ने रानी लक्ष्मीबाई, रतिका ने दुर्गा बाई देशमुख, सोनिया ने कस्तूरबा गांधी के योगदान की चर्चा की। इस मौके पर कनिका, हिमानी, शिवानी, ज्योति, पूनम, राधा व शालू आदि मौजूद रहे।