मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत राज विभाग जनपद की 80 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय (बाल एवं किशोर) खुलवाएगा। प्रत्येक पुस्तकालय के लिए 90 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जनपद स्तरीय समिति पुस्तकों के चयन की जिम्मेदारी संभालेगी। कुल पुस्तकों में 50 प्रतिशत शासकीय और अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें होंगी। इनमें स्थानीय भाषाओं के साहित्यकारों की रचनाएं, स्थानीय प्रकाशन और स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी शामिल की जाएंगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी रेनु श्रीवास्तव ने बताया कि डिजिटल पुस्तकालयों में बच्चों के लिए बाल साहित्य, चित्र पुस्तकें और इंटरएक्टिव लर्निंग एप्स होंगे, जो उनकी रुचि के अनुसार सीखने में मदद करेंगे। वहीं, वृद्धजनों के लिए भी समाचार पत्रों, धार्मिक ग्रंथों व ऑडियो बुक्स की सुविधा होगी। वह भी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ सकेंगे। इस पहल से गांव के छात्रों, बेरोजगार युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों को एक ही स्थान पर ज्ञान का खजाना मिलेगा। इससे ग्रामीण समाज को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा।
पुस्तकालय में राष्ट्रनायकों और शहीदों की जीवनी के साथ स्थानीय क्षेत्रीय लेखकों और प्रतिष्ठित विद्वानों की पुस्तकें भी रखी जाएंगी। स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी कवियों की रचनाएं भी उपलब्ध होंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष पुस्तकें रखी जाएंगी। महिलाओं और बाल साहित्य से संबंधित ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी शामिल की जाएंगी। समिति पुस्तकों के चयन में मूल्य और भाषा की सरलता का विशेष ध्यान रखेगी।