जल उठा बुराई का प्रतीक रावण
- 08 स्थानों पर हुआ शहर में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन
- जीआईसी के मैदान में हुआ मुख्य कार्यक्रम, लोगों में अलग ही उत्साह दिखाई दिया
- केंद्रीय राज्यमंत्री और राज्यमंत्री राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल शामिल हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। धरनि धसइ धर धाव प्रचंडा। तब सर हति प्रभु कृत दुइ खंडा।। अर्थात रावण का धड़ प्रचंड वेग से दौड़ता है, जिससे धरती धंसने लगी। तब प्रभु ने बाण मारकर उसके दो टुकड़े कर दिए। इसी के साथ ही असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयदशमी धूमधाम से मनाया गया। शहर में आठ स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया।
मुख्य आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में हुआ। रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतलों का दहन हुआ। रावण दहन के लिएराम ने रिमोट का बटन दबाया और रावण जल उठा। इससे पहले कलाकारों ने भव्य प्रस्तुति की। राम-रावण के युद्ध की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, डीएम सीबी सिंह, एसएसपी विनीत जायसवाल शामिल हुए। कार्यक्रम में सतीश गोयल, दिनेश गर्ग, अचिंत मित्तल आदि रहे। आयोजन में प्रवीण खेडा, विनोद, अशोक डोगरा, सुमित, रमेश मल्होत्रा, सुरेश, पुरूषोत्तम आदि का सहयोग रहा।
पटेलनगर नई मंडी में रावण दहन के वक्त केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, उद्यमी भीम सेन कंसल मुख्य रूप से मौजूद रहे। अनिल ऐरन, सुरेंद्र मंगल, ब्रिजेश मित्तल, विनय मित्तल, विकल्प जैन आदि का सहयोग रहा।
एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज गांधी कॉलोनी में भी दशहरे मेले का भव्य आयोजन हुआ। राम-रावण युद्ध का मंचन भी हुआ। आयोजन में अनिल धमीजा, अमरलाल, राज बाठला, राकेश हुडिया, पवन छाबड़ा, विजय वर्मा, प्रेमी छाबड़ा, विवेक चुग, राकेश ढींगड़ा, सुनील ग्रोवर, घनश्याम, भवानी, सुरेंद्र ईश पुजानी, तरण कक्कड़, प्रिंस अनेजा, भगवान दास, गोपाल भाटिया, हरिकिशन गुलाटी आदि रहे।
नई मंडी में रेलवे लाइन के निकट रामलीला मैदान में दशहरे का पर्व मनाया गया। आयोजन में अध्यक्ष संजय मित्तल, मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया, राजीव अग्रवाल, बृजगोपाल छारिया, डॉ प्रदीप जैन, संजय जिंदल, अभिषेक कुच्छल, विदित गुप्ता, मनोज मोदी, राजेश गोयल, रवि गोयल, कुलदीप शर्मा, अचिंत मित्तल आदि रहे। इंदिरा कालोनी, रामपुरी, रामलीला टिल्ला में भी दशहरे का मेला आयोजित हुआ।