अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में सीबीआई ने गवाह ढाबा संचालक को अदालत में पेश किया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने मामले की सुनवाई की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि सीबीआई ने सरकार बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में गवाह पेश किया। गवाह ने घटना का समर्थन किया और मौके पर जो हुआ उसे अदालत में बताया है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा और राज सिंह पंवार ने पैरवी की। साक्षी से जिरह की गई। अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तिथि तय की गई है।
- पुलिस सुरक्षा में अदालत लाई जाएंगी पीडि़ता
सरकार बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में सुनवाई के लिए छह जुलाई की तिथि तय की गई। अदालत ने पीडि़ताओं को कड़ी सुरक्षा और नियमानुसार अदालत में लाने के लिए कहा है। अदालत ने कड़ी सुरक्षा के आदेश पारित किए हैं।
- यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।