मुजफ्फरनगर। पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जब हम उच्च चेतना के साथ प्रयास करते हैं तो लक्ष्य प्राप्त हो जाता है। दृढ़ संकल्प के साथ सोच सकारात्मक होनी चाहिए। लक्ष्य से विचलित हुए बिना धैर्य बनाए रखते हुए अथक प्रयास करें।
श्रीराम कॉलेज के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बालकृष्ण ने बच्चों को सफलता के टिप्स बताए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए हमें अपनी अंतस चेतना को उच्च बनाना होगा। हमारी चेतना, सोच, भावनाओं का स्तर सकारात्मक होना चाहिए। हम सबके मन में अच्छे और बुरे विचार आते हैं, हमें बुरे विचारों को विरोध करना चाहिए। हमारा मार्ग प्रतिकूल हो और संकल्प शक्ति दृढ होनी चाहिए। लक्ष्य को बिना विचलित हुए प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करना चाहिए। हमारी सोच में पुरुषार्थ होना चाहिए।
दुर्व्यसन और बुरे काम हमारा मार्ग रोकते हैं। गलत काम से जीवन में भय, शंका, लज्जा बनी रहती है। जीवन में तनाव रहता है। हमारे संस्कार, हमारा परिश्रम और हमारी सोच ही हमारी उपलब्धि की गाथा लिखती है। आचार्य बाल कृष्ण ने कार्यक्रम में भाग लेेने आए बच्चों के प्रश्रों के उत्तर भी दिए। इससे पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने आचार्य बालकृष्ण का कॉलेज में पहुंचने पर स्वागत किया। रालोद प्रत्याशी मिथलेश पाल और बीजेपी प्रत्याशी कपिलदेव अग्रवाल ने आचार्य से आशीर्वाद लिया। ईश्वरदयाल गर्ग की स्मृति में हुए कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ ने आचार्य का जीवन परिचय पढकर सुनाया। संचालन सत्यप्रकाश रेशु ने किया।
श्रीराम कॉलेज के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ जब आचार्य बालकृष्ण का परिचय पढ़ रहे थे, तो उन्होंने उनका जन्म नेपाल का बता दिया, इस पर बालकृष्ण ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे भारतीय है। डॉ. कुलश्रेष्ठ ने जिस पर खेद प्रकट किया। इसके बाद फार्मेसी शुरु करने की तारीख गलत बताने पर भी आचार्य ने नाराजगी जताई। कार्यक्रम में बच्चे अधिक नहीं आने पर भी आचार्य खफा नजर आए। यह बात उन्होंने अपने भाषण में बोल भी दी।